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चंडीगढ़ में पक्षियों-बेसहारा पशुओं के लिए एंबुलेंस शुरू:भाजपा प्रधान ने दिखाई हरी झंडी, कोरोना काल में भी निभाई जिम्मेदारी,वर्षों से कर रहे सेवा कार्य




चंडीगढ़ में घायल पक्षियों और बेसहारा पशुओं की मदद के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। चंडीगढ़ पेट लवर्स एसोसिएशन (CPLA) की ओर से पक्षियों एवं बेसहारा पशुओं के लिए विशेष एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ किया गया। जिसे भाजपा चंडीगढ़ के अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस एंबुलेंस सेवा का उद्देश्य घायल, बीमार और बेसहारा पशु-पक्षियों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। सेवा शुरू होने से शहर में ऐसे पशुओं और पक्षियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो दुर्घटना या बीमारी के बाद समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण परेशानी झेलते हैं। वर्षों से कर रहे हैं सेवा कार्य चंडीगढ़ पेट लवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं स्टेट अवॉर्डी समाजसेवी विनोद कुमार (सोनू) लंबे समय से पशु-पक्षियों और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे चंडीगढ़ प्रशासन की बुड़ैल जेल स्थित जू के इंचार्ज के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में हर वर्ष शहर के विभिन्न इलाकों में फलदार और छायादार पौधे लगाए जाते हैं। इसके अलावा पक्षियों के लिए घोंसले, दाना-पानी के बर्तन और अन्य आवश्यक सामग्री भी निःशुल्क वितरित की जाती है, ताकि बढ़ती गर्मी और घटते प्राकृतिक संसाधनों के बीच पक्षियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। कोरोना काल में भी निभाई जिम्मेदारी कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान जब अधिकांश लोग घरों तक सीमित थे, उस समय विनोद कुमार और उनकी टीम ने पूरे शहर में घूम-घूमकर आवारा कुत्तों, पक्षियों और अन्य बेसहारा पशुओं के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की थी। उनके इस कार्य की शहरभर में सराहना हुई थी। पशु-पक्षियों की सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम द्वारा स्टेट अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। घायल पशुओं को तुरंत मिलेगी मदद नई एंबुलेंस सेवा के माध्यम से घायल पक्षियों, कुत्तों, बिल्लियों समेत अन्य जरूरतमंद पशुओं को मौके से सुरक्षित रेस्क्यू कर अस्पताल या उपचार केंद्र तक पहुंचाया जाएगा। एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके। सोनू ने कहा यह सेवा 24 घंटे जरूरतमंद पशु-पक्षियों की मदद के लिए उपलब्ध रहेगी। शहर के लोग किसी घायल या बेसहारा पशु-पक्षी की सूचना देकर इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे।



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