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सोनीपत में भारतीय भाषा समर कैंप का समापन:छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम, हस्तनिर्मित वस्तुओं से दिखाई प्रतिभा; सहयोग के लिए जताया आभार




सोनीपत जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालय कालूपुर में आयोजित 7 दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप का रविवार को समापन हो गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में नृत्य, गीत और भाषण जैसी प्रस्तुतियां दी गईं। वार्ड-17 की पार्षद सुनीता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। विद्यालय पहुंचने पर स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों और स्टाफ ने मुख्य अतिथि पार्षद सुनीता का स्वागत किया। अतिथियों ने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर कैंप के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ मंच पर दीं प्रस्तुतियां कैंप में विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित वस्तुओं की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। बच्चों की रचनात्मकता और कलात्मक कौशल को मुख्य अतिथि एवं अभिभावकों ने सराहा। प्रदर्शनी में विभिन्न मॉडल, सजावटी सामग्री और अन्य कलात्मक वस्तुएं प्रदर्शित की गईं, जो आकर्षण का केंद्र रहीं। समापन समारोह में विद्यार्थियों ने गीत, संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी प्रस्तुतियां दीं, जिससे समारोह का माहौल उत्सवमय हो गया। उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ बच्चों का हौसला बढ़ाया। विशेष संगीत प्रशिक्षण का मिला लाभ कैंप के दौरान संगीत प्रशिक्षक पंकज कटारिया ने विद्यार्थियों को विशेष संगीत प्रशिक्षण प्रदान किया। उनके मार्गदर्शन में बच्चों ने संगीत की बारीकियों को सीखा और समापन समारोह में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने संगीत और लय के माध्यम से अपनी सीख को मंच पर प्रस्तुत किया। सहयोग के लिए जताया आभार कार्यक्रम के अंत में डीडीओ सुमन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, एसएमसी सदस्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कैंप बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पंकज कटारिया ने कहा “संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास बढ़ाने का एक सशक्त साधन है।नियमित संगीत अभ्यास से बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता और रचनात्मक सोच विकसित होती है, जो जीवन के हर क्षेत्र में उनकी मदद करती है।



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