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हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज कई बार दावा कर चुके हैं कि रोडवेज बसों में यात्रियों को UPI के जरिए टिकट भुगतान की सुविधा जल्द मिलेगी। इसके लिए रोडमैप तैयार होने तक की बातें कही गईं, लेकिन हकीकत यह है कि बसों में आज भी यात्री नकदी के भरोसे सफर करने को मजबूर हैं। विभाग के अफसर अभी तक इसे लागू नहीं कर पाए हैं। अनिल विज का कहना है कि पहले चरण में इसे एक जिले से शुरू किया जाएगा। बार-बार अफसरों के बदलने की वजह से यह शुरू नहीं हो पा रहा है, लेकिन अब अधिकारियों को व्यवस्था जल्द लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले करीब 21 महीनों में विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) 3 बार बदले गए। पहले नवदीप सिंह विर्क, फिर अशोक खेमका, उसके बाद टीएल सत्यप्रकाश और अब राजा शेखर वुंडरू विभाग की कमान संभाल रहे हैं। रोडवेज के बेड़े में करीब 4,000 से 4,500 बसें हैं, जिनका संचालन 24 मुख्य डिपो और 13 उप-डिपो के जरिए किया जाता है। इतने बड़े नेटवर्क में डिजिटल टिकटिंग और UPI भुगतान लागू करने की योजना अभी तक शुरुआती चरण से आगे नहीं बढ़ सकी है। आखिर क्यों अटकी UPI भुगतान की योजना? 1. तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने में लग रहा समय
हरियाणा रोडवेज की हजारों बसों में UPI भुगतान सुविधा शुरू करना सिर्फ QR कोड लगाने तक सीमित नहीं है। इसके लिए पहले तकनीकी एजेंसी का चयन करना होता है। फिर टिकटिंग मशीनों की खरीद, सॉफ्टवेयर तैयार करना, भुगतान प्रणाली को टिकटिंग सिस्टम से जोड़ना है। यह एक लंबी प्रक्रिया है, इसलिए योजना तय समय पर आगे नहीं बढ़ सकी। 2. कंडक्टरों को नए सिस्टम की ट्रेनिंग जरूरी
UPI के जरिए टिकट जारी करने के लिए कंडक्टरों को नई मशीनें और डिजिटल टिकटिंग सिस्टम इस्तेमाल करना होगा। इसके लिए हजारों कर्मचारियों को ट्रेनिंग देनी पड़ेगी, ताकि वे भुगतान लेने, टिकट जारी करने और तकनीकी समस्या आने पर उसका समाधान कर सकें। विभाग अभी तक इस प्रक्रिया को पूरी तरह पूरा नहीं कर पाया है। 3. कई एजेंसियों के बीच तालमेल की चुनौती
इस योजना को लागू करने के लिए केवल परिवहन विभाग की भूमिका नहीं है। इसके साथ तकनीकी कंपनियां, बैंकिंग और भुगतान सेवा से जुड़ी एजेंसियां भी काम करती हैं। सभी पक्षों के बीच बेहतर तालमेल और समय पर फैसले जरूरी हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार योजना से जुड़े अलग-अलग विभाग और एजेंसियां आपस में बेहतर तालमेल नहीं बना सकीं। इसी वजह से काम तय रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पाया। 2 महीने पहले हुई थी समीक्षा बैठक अक्टूबर 2024 में मंत्री बनने के बाद ही अनिल विज ने कह दिया था कि रोडवेज बसों में UPI सिस्टम लागू होगा। करीब दो महीने पहले विज ने परिवहन विभाग और हरियाणा रोडवेज के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। बैठक में रोडवेज बसों में UPI आधारित टिकट भुगतान प्रणाली लागू करने की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जाए और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि यात्रियों को टिकट के लिए नकदी पर निर्भर न रहना पड़े। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि शुरुआत में इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक जिले में लागू किया जाएगा, जिसके बाद इसे पूरे प्रदेश की रोडवेज बसों में विस्तार दिया जाएगा।
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विज का वादा पूरा नहीं कर पा रहे अफसर:रोडवेज बसों में UPI से टिकटिंग अटकी; मंत्री बोले- अधिकारियों के बदलने की वजह से देरी







