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सांसद साहनी बोले-पंजाब में गवर्नेंस नाम की चीज नहीं:85 जगह इलीगल माइनिंग, PM की योजनाएं लागू नहीं; AAP लोकपाल को भूली




आम आदमी पार्टी से भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने पंजाब सरकार को पूरी तरह से फेल बता दिया। साहनी ने तो यहां तक कह दिया कि पंजाब में गवर्नेंस नाम की चीज नहीं है और सरकार कुछ नहीं कर रही। साहनी ने चंडीगढ़ में भाजपा के मॉक सेशन में ये बातें कही। इलीगल माइनिंग पर नकेल कसने में सरकार नाकाम है। NGT के साथ मैंने खुद 85 जगहों पर इलीगल मानिंग की लोकेशन सरकार को भेजी पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। केंद्र सरकार की जिन योजनाओं में PM लिखा है वो राज्य में लागू नहीं हो रही। ऐसी 62 योजनाएं हैं जिन्हें पंजाब सरकार ने लागू नहीं किया और पंजाब के लोगों को लाभ लेने से रोका है। नशे के मुद्दे पर साहनी ने कहा कि 1600 युवाओं की मौत हो गई और सरकार कुछ नहीं कर रही। वहीं दूसरी तरफ शराब को नशा न मानने वालों को साहनी ने मूर्ख तक कह दिया। साहनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता संविधान की दुआएं और राज्यों के अधिकारों की बात करते हैं और कहते हैं कि केंद्र उन्हें फंड नहीं दे रहा। साहनी ने कहा कि कोऑपरेटिव फेडरलिज्म का मतलब यह नहीं है कि सुबह उठकर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को गाली दो। केंद्र की योजनाओं को लागू करो और उनसे फंड्स लो। सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने आप सरकार पर कही ये अहम बातें.. VB-G RAM G लागू नहीं की: साहनी ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा को बदलकर VB-G RAM G कानून बनाया। यह नया कानून पूरी तरह से मजदूरों के पक्ष में था लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार ने इसे लागू नहीं किया। सरकार मजदूरों के नाम पर विधानसभा में स्पेशल सेशन करवा रही है लेकिन मजदूरों को उनका हक नहीं दिया। साहनी ने पंजाब में डिप्टी सीएम दलित बनाए जाने की वकालत की। लोकपाल को भूल ही गई आप: साहनी ने कहा कि अन्ना आंदोलन का जो मुख्य आधार था जिसके नाम पर पार्टी बनी। आम आदमी पार्टी लोकपाल के मुद्दे को पूरी तरह से भूल चुकी है। पंजाब में 1996 में लोकपाल बना था लेकिन उसे सशक्त करने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार ने कुछ नहीं किया। अवैध खनन पर बताते रहे पर नहीं की कार्रवाई: साहनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने कहा था कि माइनिंग से 20 हजार करोड़ रुपए की इनकम स्टेट को होगी। जबकि स्टेट को सिर्फ 288 करोड़ रुपए ही मिले जो कि टारगेट का लगभग एक प्रतिशत ही है। साहनी ने बताया कि उन्होंने एनजीटी के साथ अवैध खनन की 85 लोकेशन सरकार को दी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और अब भी वहां पर माइनिंग चल रही है। पंजाब का खजाना कर दिया खाली: विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि पंजाब पर 4.57 लाख करोड़ रुपए का कर्ज हो गया है। सरकार ने खजानाखाली कर दिया और अब इनके तीन चार महीने बचे हैं। उसके बाद क्या होगा किसी को कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं दिल से पंजाब का दर्द जानता हूं। जमीन अधिग्रणह पॉलिसी लाने से रोका था: साहनी ने कहा कि वो पंजाब में खेती विविधता की बात कर रहे थे और उधर सरकार 65 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहण की पॉलिसी ला रही थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने उस समय भी सरकार को रोका था। साहनी ने कहा कि पंजाब में प्रति व्यक्ति आय कम हो रही है ऐसे में लोग प्रॉपर्टी पर कौन इंवेस्ट करेगा। दूसरा खेती वाली जमीन को इतने बड़े स्तर पर अधिग्रहित न किया जाए इससे किसान प्रभावित होंगे। सरकार को आखिरी में यह पॉलिसी वापस लेनी पड़ी। शराब भी नशा ही है गलत फहमी में न रहें: साहनी ने कहा कि लोग कहते हैं कि शराब नशा नहीं है। उन्होंने कहा कि जो ऐसा कह रहे हैं समझ लो वो लोगों के साथ धोखा कर रहे हैं और ऐसा कहने वाले मूर्ख हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सूबे में नशा रोकने में विफल है। उन्होंने कहा कि सूबे में 1600 नौजवान नशे के कारण अपनी जान खो चुके हैं। पंजाब में आई बाढ़ की ज्यूडिशियल इंक्वायरी हो: सांसद साहनी ने कहा कि पंजाब में जो बाढ़ आई थी वो मेन मेड थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई सालों से बाढ़ की रोकथाम के लिए कोई ठोस काम नहीं किए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पैसे देती है और राज्य सरकार उसे इधर-उधर खर्च कर देती है। उन्होंने कहा कि सरकार अभी भी कुछ नहीं कर रही है। साहनी ने कहा कि इस मामले की ज्यूडिशियल इंक्वायरी होनी चाहिए कि बाढ़ कैसे आई और बाढ़ के बाद क्या क्या हुआ। मेडिकल कॉलेजों का न नींव न पत्थर: साहनी ने कहा कि राज्य सरकार 16 मेडिकल कॉलेज बनाने का दावा कर रही थी लेकिन अभी तक न कहीं नींव दिखी और न ही कहीं पर पत्थर दिखा। उन्होंने कहा कि सिर्फ हवा हवाई दावे किए। एमपी लैंड का पैसा दो-दो साल तक नहीं करते खर्च: साहनी ने कहा कि सांसद एमपी लैंड का पैसा देते हैं लेकिन वो दो दो साल तक खर्च नहीं होता है। उन्होंने कहा कि यह सीधा सीध सरकार की लापरवाही का मामला है। आरडीएफ पर सरकार के दावे को नकारा: साहनी ने कहा कि पंजाब सरकार आडीएफ को लेकर जो कहती है वो पता नहीं लेकिन 2900 करोड़ के आसपास आरडीएफ का फंड है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आरडीएफ के फंड का कोई ब्रेकअप नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि वो इस मामले निर्मला सीतारमण व पीयूष गोयल से मिले थे और इस मामले का हल निकाल रहे थे लेकिन राज्य सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। एक हजार के बजाए काम दें: साहनी ने कहा कि फ्री की बात करके पंजाब को भिखारी प्रवृति की तरफ धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को एक हजार रुपए देने के बजाए उन्हें काम दें और इस पर काम करें। उन्होंने कहा कि वो अपने स्तर पर सैकड़ों लोगों को रोजगार दे चुके हैं और आगे भी प्रयास कर रहे हैं।



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