spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

करनाल में सफाइल कर्मचारी गए हड़ताल पर:सफाई व्यवस्था चरमराने के आसार, महिलाओं ने सुनाई अपनी परेशानी




करनाल नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर दो दिन की काम छोड़ हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारी नगर निगम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि अगर दो दिन तक सफाई नहीं होगी तो शहर की व्यवस्था प्रभावित होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर हड़ताल को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। नगर निगम के बाहर धरना और नारेबाजी
सफाई कर्मचारी नगर निगम कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि यह हड़ताल फिलहाल दो दिन के लिए है, लेकिन अगर सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि बार-बार मांग रखने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। महिला कर्मचारियों ने बताया दर्द
महिला सफाई कर्मचारी, सुनीता, रेखा, सोनिया व अनु ने अपनी परेशानियां साझा करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को घर पर छोड़कर काम पर आती हैं। नौकरी के कारण वे बच्चों का सही तरीके से ध्यान नहीं रख पातीं। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे समय पर स्कूल भी नहीं जा पाते, क्योंकि माता-पिता दोनों ही ड्यूटी पर होते हैं। मजबूरी में बच्चे खुद ही स्कूल जाते हैं या कई बार नहीं जा पाते। उन्होंने कहा कि गरीबी के कारण उन्हें यह सब सहना पड़ रहा है, लेकिन सरकार उनकी तकलीफों को नजरअंदाज कर रही है। भर्ती और स्थायी करने की मांग
कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने ग्रुप डी की भर्ती में सीवर मैन और सफाई कर्मचारियों को नजरअंदाज किया है और अन्य लोगों को भर्ती किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वे 15-20 साल से काम कर रहे हैं तो उन्हें प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई। कर्मचारियों का कहना है कि पुराने कर्मचारियों के भविष्य को लेकर सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए थी। हाईकोर्ट के आदेश का हवाला
कर्मचारियों ने बताया कि दिसंबर 2025 में माननीय हाईकोर्ट ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के आदेश दिए थे, लेकिन सरकार ने इन आदेशों को लागू नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कोर्ट के निर्देशों को भी गंभीरता से नहीं ले रही है। समान काम का समान वेतन की मांग
सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य हड़ताल करना नहीं है, लेकिन मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा है। यदि सरकार समय रहते उनकी मांगें नहीं मानती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles