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सीएम फ्लाइंग (CM Flying) की टीम ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर भाटिया कॉलोनी में चल रहे एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र का पर्दाफाश किया है। यह केंद्र बिना किसी लाइसेंस के ‘योग एवं मेडिटेशन सेंटर’ के नाम पर अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। यहां दवाओं के नाम पर मोटी वसूली हो रही थी। पुलिस ने संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर भगत सिंह को सूचना मिली थी कि भाटिया कॉलोनी स्थित फौजी कैंटीन के पास एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र चलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही सीएम फ्लाइंग, स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल ऑफिसर डॉ. राकेश, जिला समाज कल्याण विभाग और बडोली के बीडीपीओ नरेश कुमार की एक संयुक्त टीम गठित कर केंद्र पर छापेमारी की गई। न तो लासेंस था न हीं सुविधाएं छापेमारी के दौरान बल्लभगढ़ के बुखारपुर निवासी गुरवेंद्र केंद्र पर संचालक के रूप में मौजूद मिला। जब टीम ने उससे केंद्र चलाने से संबंधित वैध दस्तावेज या लाइसेंस मांगा, तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। जांच में सामने आया कि केंद्र पूरी तरह गैर-कानूनी तरीके से चलाया जा रहा था। यहां पर मानक के अनुसार किसी प्रकार की सुविधा नहीं थी। नशा छुड़ाने के नाम पर वसूली और मिलीं अंग्रेजी दवाइयां केंद्र में कुल 24 व्यक्ति भर्ती मिले। पूछताछ में मरीजों ने बताया कि उन्हें 160 दिनों तक रखने का वादा किया गया था और इसके बदले उनसे 4 से 5 हजार रुपये प्रतिमाह फीस वसूली जा रही थी। टीम को वहां से भारी मात्रा में दर्द निवारक अंग्रेजी दवाइयां और एंटीसेप्टिक सॉल्यूशन बरामद हुए हैं, जिन्हें कब्जे में लेकर सील कर दिया गया है। 84 मरीजों की फाइलें बरामद तलाशी के दौरान केंद्र के कार्यालय से 84 मरीजों की फाइलें और उनके परिजनों के सहमति पत्र भी बरामद हुए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि यहां बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधि चल रही थी। कैंप थाना पुलिस ने डॉ. राकेश की शिकायत पर आरोपी गुरवेंद्र के खिलाफ विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पलवल में अवैध नशा मुक्ति केंद्र पर छापा, संचालक गिरफ्तार:सीएम फ्लाईंग ने स्वास्थ्य विभाग व पुलिस के साथ मारा छापा, न लाइसेंस था न सुविधाएं







