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कुरुक्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन चढूनी (BKU) ने अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इसमें बड़ी संख्या में किसान प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां एकत्र होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष प्रकट किया। किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ADC विवेक आर्य को ज्ञापन सौंपा। BKU के कार्यकारी अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना ने कहा कि भारत का किसान पहले से ही बढ़ती खेती लागत, फसलों के उचित दाम की कमी, प्राकृतिक आपदाओं और कर्ज के बोझ जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसी स्थिति में यदि विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में खुली छूट दी जाती है, तो सस्ते आयातित उत्पादों के कारण देशी किसानों की फसलों के दाम गिर जाएंगे। आय पर पड़ेगा असर इससे उनकी आय पर भारी असर पड़ेगा। भारत में खेती आजीविका का साधन है, जबकि विदेशों में यह एक व्यवसाय है। इसलिए विदेशी उत्पादों के साथ प्रतिस्पर्धा करना भारतीय किसानों के लिए अत्यंत कठिन होगा। इसके साथ ही, इन ट्रेड डील्स के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कृषि क्षेत्र में कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ेगा और किसानों की स्वतंत्रता प्रभावित होगी। किसान खेती छोड़ने को मजबूर उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार के समझौते किए गए तो इससे न केवल किसानों की समस्याएं बढ़ेंगी, बल्कि बड़ी संख्या में किसान खेती छोड़ने को मजबूर होंगे, जिससे बेरोजगारी और सामाजिक संकट भी गहरा सकता है। अगर सरकाी इस तरह के समझौते करती है, तो किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। ये मांग रखीं -कृषि, डेयरी, पोल्ट्री तथा किसानों से जुड़े सहायक धंधों को किसी भी मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखा जाए।
-न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी गारंटी दी जाए।
-देश के किसानों के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
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कुरुक्षेत्र में BKU चढूनी का रोष प्रदर्शन:अमेरिका ट्रेड डील का विरोध, PM के नाम दिया ज्ञापन, मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी







