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गुरुग्राम में 20 साल पुराना पार्क बेचने का आरोप:बिल्डर की मनमानी के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, आशियाना सिल्वर क्रस्ट के रेजिडेंट्स में रोष




गुरुग्राम के पॉश इलाकों में शुमार सेक्टर-49 स्थित उप्पल साउथएंड सोसाइटी आशियाना सिल्वर क्रस्ट का 20 साल पुराना पार्क कथित रूप से बेचने के खिलाफ रेजिडेंट्स में रोष है। देर रात रेजिडेंट्स ने कॉलोनाइजर के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस पार्क की जमीन पर अब अचानक निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की जा रही है, जिसका रेजिडेंट्स ने पुरजोर विरोध किया है। रेजिडेंट्स का कहना है कि इस इलाके में प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छू रही हैं। जब लोगों ने यहां 257 गज के प्लॉट लिए थे, तब कीमत करीब 3 करोड़ रुपये थी, जो आज बढ़कर 30 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गई है। वर्तमान में यहां जमीन का भाव 3 लाख रुपये प्रति वर्ग गज से ज्यादा है। रेजिडेंट्स ने 1200 गज से अधिक जमीन पर बने इस पार्क में प्लॉट काटकर बेचने का आरोप लगाया है। पार्क दिखाकर बेचे थे प्लॉट
सोसाइटी की रेजिडेंट मीना सिंह ने बताया कि मैं यहां परिवार के साथ पिछले 20 सालों से रह रही हूं। जब हमने यहां विला लिया था, तब बिल्डर ने स्पष्ट रूप से नक्शे में इसे पार्क दिखाया था। सालों तक यह पार्क के रूप में ही विकसित रहा, लेकिन अब 20 साल बाद बिल्डर कह रहा है कि यह जगह पार्क नहीं है और इसे बेच दिया गया है। किसी ने गलत तरीके से पार्क की जमीन खरीदी है और अब यहां घर बनाने की तैयारी की जा रही है। पार्क को निजी संपत्ति बताकर बेचना गलत 22 साल से यहां रह रहीं लक्ष्मी यादव ने इसे रेजिडेंट्स के साथ बड़ा विश्वासघात बताया। उन्होंने कहा कि दो हजार से ज्यादा लोग यहां रहते हैं। उप्पल बिल्डर ने इसी पार्क का लालच दिखाकर सारी प्रॉपर्टी सेल की थी। अब इसे निजी संपत्ति बताकर बेचना कैसे संभव है? यह पार्क किसी की निजी धरोहर नहीं, बल्कि हम सभी का साझा अधिकार है। RWA का दावा: सरकारी पैसा लगा तो प्राइवेट कैसे हुई जमीन
आरडब्ल्यूए (RWA) प्रेजीडेंट रेखा यादव ने बताया कि यह आशियाना सिल्वर क्रस्ट का ‘पी ब्लॉक’ है, जहां पार्क पिछले दो दशकों से अस्तित्व में है। साल 2016 से गुरुग्राम नगर निगम (MCG) इस पार्क की देख-रेख कर रहा है। नियम यह है कि एमसीजी कभी भी किसी प्राइवेट जमीन पर पार्क विकसित नहीं करती और न ही कोई मालिक अपनी निजी जमीन पर सालों तक सार्वजनिक पार्क बनने देता है। यदि यह जमीन बिक चुकी थी, तो निगम इस पर पैसा क्यों खर्च कर रहा था?” उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई
सोसाइटी के लोगों का आरोप है कि उप्पल बिल्डर ने उनके साथ ‘फ्रॉड’ किया है। रेजिडेंट्स ने अब प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए और पार्क की जमीन को पुनः बहाल किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पार्क को बहाल रखने की मांग को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। हालांकि इस मामले में अभी अधिकारिक तौर पर बिल्डर प्रबंधन की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। संबंधित मैनेजर को कॉल भी किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।



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