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पंजाब सरकार ने तरनतारन जिले में नहर सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 64 करोड़ रुपये की लागत से रसूलपुर, जमाराई, पट्टी और डुमनीवाला डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के पुनर्निर्माण, नवीनीकरण और कंक्रीट लाइनिंग का कार्य पूरा कर लिया है। जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने इन परियोजनाओं को जनता को समर्पित करते हुए कहा कि इससे हजारों किसानों को सिंचाई के लिए भरोसेमंद पानी उपलब्ध होगा। इस अवसर पर पंजाब वाटर रिसोर्स मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन रणजीत सिंह चीमा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से नहरों की मूल डिजाइन क्षमता बहाल हो गई है और अब नहर के अंतिम छोर तक भी पर्याप्त पानी पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि समय के साथ पुरानी नहरों की ईंटों की लाइनिंग क्षतिग्रस्त हो गई थी। बारिश, पेड़ों की जड़ों, चूहों के बिलों और अन्य कारणों से नहरों की क्षमता प्रभावित हो रही थी, जिससे किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल नहीं मिल पा रहा था। इसी समस्या को देखते हुए वर्ष 2025-26 में इन नहर प्रणालियों का आधुनिकीकरण किया गया। मंत्री बोले- इस परियोजना से गांवों के किसानों को सीधा फायदा मिलेगा मंत्री गोयल ने बताया कि रसूलपुर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम 38,674 एकड़ खेती योग्य क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्रदान करेगा। वहीं जमाराय डिस्ट सिस्टम 23,509 एकड़ और पट्टी डिस्ट सिस्टम 26,898 एकड़ क्षेत्र को लाभ पहुंचा रहा है। इन परियोजनाओं से जिले के दर्जनों गांवों के किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। उन्होंने विशेष रूप से डुमनीवाला डिस्ट सिस्टम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नहर प्रणाली करीब 50 वर्षों से बंद पड़ी थी। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद नहर की जमीन से कब्जे हटाए गए और कंक्रीट लाइनिंग सहित अन्य कार्य कर इसे दोबारा चालू किया गया। अब यह सिस्टम 8,416 एकड़ क्षेत्र को सिंचाई जल उपलब्ध करा रहा है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार का लक्ष्य राज्य के हर खेत तक नहर का पानी पहुंचाना है। इससे ट्यूबवेल पर निर्भरता कम होगी, भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और खेती अधिक लाभदायक व टिकाऊ बनेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी पूरे पंजाब में नहर नेटवर्क को आधुनिक और मजबूत बनाने का कार्य जारी रहेगा।
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64 करोड़ रुपए से नहर सिस्टम का आधुनिकीकरण पूरा:तरनतारन में हजारों किसानों को मिलेगा सिंचाई पानी; भूजल संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा







