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सिरसा की रहने वाली 3 बहनें हरिद्वार से कांवड़ लेकर सिरसा पहुंची हैं। इनमें 2 सगी बहनें और एक मौसेरी बहन है। सभी की उम्र 45 से 55 वर्ष के बीच है। उनके साथ एक करीब 8 साल का बच्चा भी नजर आया। तीनों महिलाएं झूला कांवड़ लेकर आई हैं। इस दौरान तीनों बहनें जोश में दिखीं। जानकारी के अनुसार, तीनों महिलाएं जिले के कोटली गांव की रहने वाली हैं। यहां पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनके स्वागत किया और खुशी में डीजे पर भजनों की ताल पर थिरके और उनकी सेवा की। ग्रामीणों ने बतायि कि उनके गांव से कुछ और महिलाएं भी कांवड़ लेकर आई हैं। इसके बाद आज मंगलवार को भगवान शिव को हरिद्वार से लेकर आए जलाभिषेक कर कांवड़ चढाई। कावड़ लाने वाली संतोष और बंती ने बताया कि भगवान शिव के प्रति अराधना होनी चाहिए। हर कोई कहता है कि महिलाएं कावड़ लेकर आई हैं। तो क्या महिलाएं कावड़ नहीं ला सकतीं? क्या महिला में दम नहीं है? ये महादेव की शक्ति है। महिलाएं भी पुरुषों से पीछे नहीं है और हम भी कांवड़ ला सकती हैं और ये हमने करके दिखाया है। इससे पहले भी वे कांवड़ लाई हैं। 30 तारीख को कांवड़ लेकर चले थे कांवड़ लेकर आईं बंती व संतोष ने कहा कि हम 30 अगस्त को हरिद्वार से कांवड़ लेकर चली थीं और अब सिरसा पहुंची हैं। रास्ते में सेवादारों ने कांवड़ियों की सेवा के लिए पंडाल लगाकर अच्छी व्यवस्था की हुई थी। जगह-जगह पर पुलिस तैनात थी और किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई।
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