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2022 कॉमनवेल्थ के बाद गेम्स छोड़ना चाहती थीं शर्मिला धनखड़:मां ने कहा-अपने हिस्से की जमीन बेच दूंगी; पति ने फोकस के लिए दुकान छोड़ी




कॉमनवेलथ गेम्स 2026 के महिला पैरा शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वालीं शर्मिला धनखड़ की जिंदगी में एक समय ऐसा भी आया था, जब उन्होंने गेम्स से दूरी बनाने का फैसला कर लिया था। बस उन्होंने आखिरी बार अपनी मां से इसका जिक्र कर लिया। शर्मिला ने अपनी मां संतोष से कहा था कि मेडल तो आया नहीं, आगे प्रैक्टिस के दौरान अगर कोई इंजरी आ गई और खेल नहीं पाई तो क्या होगा। जिस पर शर्मिला की दृष्टिहीन मां संतोष ने कुछ ऐसा कहा कि दिव्यांग शर्मिला फिर से मैदान पर जुट गईं। शर्मिला की मां ने कहा था कि मैं अपने हिस्से की जमीन भी बेच दूंगी तू बस खेलती रह। जिसके बाद शर्मिला ने खेल को जारी रखा। दरअसल, अपने हिस्से की जमीन बेच चुकीं शर्मिला धनखड़ की 2022 कॉमनवेल्थ में चौथा स्थान आने पर आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। क्योंकि चौथे स्थान के कारण उसे सरकारी तौर पर कोई सहायता राशि नहीं मिल सकती थी। आर्थिक तौर पर सक्षम नहीं होने और पहले ही काफी खर्चा होने के कारण गेम्स छोड़ने का विचार उनके दिल में आ गया था। अब गोल्ड जीतने के बाद शर्मिला और उनकी मां के साथ दैनिक भास्कर ने बातचीत की। आइए, पढ़िए खास बातचीत… पहले देखिए शर्मिला के कुछ PHOTOS शर्मिला ने बताया हार के बाद कैसे कमबैक किया… शर्मिला की मां से कॉल, बोलीं-अब मेरा दूसरा जन्म ग्लास्गो में जीत के बाद शर्मिला ने अपनी मां संतोष को कॉल किया। जिसमें मां से पूछा कि अब तो खुश होगी मां, तो उन्होंने जवाब दिया अब तो पूरा गांव खुश है बेटी। जिसके बाद संतोष ने शर्मिला से कहा कि अब मेरा नया जन्म हो गया है। शर्मिला की मां संतोष के अनुसार खिलाड़ी को तो पैसे की दिक्कत होती है, हमने कुछ जमीन बेच कर शर्मिला पर लगाया है तो कुछ ब्याज पर लेकर लगाया है। लेकिन अब शर्मिला ने मेडल जीतकर सभी कष्ट को दूर कर दिया है। अब जानिए शर्मिला के पैरा एथलीट बनने का सफर…



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