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10,892 Criminals Tracked, Gangster Recruitment Halted


चंडीगढ़25 मिनट पहले

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डीजीपी अजय सिंघल। - Dainik Bhaskar

डीजीपी अजय सिंघल।

हरियाणा पुलिस ने संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए राज्य के 10,892 जघन्य अपराधियों की डिजिटल कुंडली तैयार की है। हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल इन अपराधियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार कर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

पुलिस का दावा है कि इस डेटा आधारित निगरानी प्रणाली से अपराध होने से पहले ही संभावित खतरों की पहचान कर कार्रवाई करना आसान होगा। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की अध्यक्षता में पंचकूला में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सामने आई।

बैठक में रोहतक, झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद जिलों में संचालित विशेष आरजेएसएफ (रोहतक-झज्जर-सोनीपत-फरीदाबाद) यूनिट की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों की समीक्षा की गई।

अपराधियों का पूरा बायोडाटा तैयार

पुलिस अधिकारियों के अनुसार तैयार किए गए डेटाबेस में अपराधियों का आपराधिक इतिहास, उनके संपर्क, सामाजिक पृष्ठभूमि, वर्तमान गतिविधियां और संभावित नेटवर्क तक की जानकारी शामिल है। अपराधियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उनका जोखिम स्तर भी तय किया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन दोबारा अपराध कर सकता है और किसके गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ने की आशंका है।

हरियाणा पुलिस महानिदेशक अधिकारियों के साथ रिव्यू मीटिंग करते हुए।

हरियाणा पुलिस महानिदेशक अधिकारियों के साथ रिव्यू मीटिंग करते हुए।

सिर्फ अपराधी नहीं, संभावित गैंग सदस्य भी रडार पर

पुलिस की यह पहल केवल सक्रिय अपराधियों तक सीमित नहीं है। आरजेएसएफ यूनिट उन युवाओं और छोटे अपराधियों पर भी नजर रख रही है जिन्हें गैंगस्टर गिरोह अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर सकते हैं। पुलिस का मानना है कि अपराध होने के बाद कार्रवाई करने की बजाय अपराध की संभावना को पहले ही खत्म करना ज्यादा प्रभावी रणनीति है।

पायलट प्रोजेक्ट से बना बड़ा मॉडल

यह पहल सबसे पहले रोहतक में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई थी। सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद इसे झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद तक विस्तारित किया गया। अब पुलिस इस मॉडल को राज्य के अन्य जिलों में भी लागू करने की तैयारी कर रही है।

तकनीक और इंटेलिजेंस का इस्तेमाल

अपराधियों की निगरानी के लिए पुलिस आधुनिक तकनीक, फील्ड इंटेलिजेंस और मानव स्रोतों का संयुक्त उपयोग कर रही है। विशेष टीमें लगातार अपराधियों के पते, संपर्क और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं। इसके आधार पर कई मामलों के खुलासे और अपराध नियंत्रण में भी मदद मिली है।

STF ने तीन साल में 941 गैंग सदस्य पकड़े

बैठक में हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की कार्रवाई का भी ब्यौरा रखा गया। STF ने वर्ष 2024 में 323, वर्ष 2025 में 470 और 2026 में 28 मई तक 148 गैंग सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस तरह पिछले तीन वर्षों में कुल 941 गैंगस्टर और उनके सहयोगी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

22 गैंगस्टरों की विदेश से वापसी

हरियाणा STF अब तक 22 वांछित गैंगस्टरों को विदेशों से डिपोर्ट या प्रत्यर्पित कर भारत ला चुकी है। अकेले 2026 में अब तक 9 गैंगस्टरों की वापसी सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा 14 अन्य गैंगस्टर विभिन्न देशों में हिरासत में हैं और उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया जारी है।

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