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10 किलो अफीम हड़पने की फिराक में था बर्खास्त ASI:सिरसा में SIT की रिपोर्ट में खुलासा; ट्रक में छिपाकर रखी थी




सिरसा में ट्रक से 4.5 करोड़ की अफीम केस में जांच के बाद नया मोड़ आया गया है। मामले में गठित एसआईटी ने जांच में पाया है कि आरोपी एएसआई रणबीर सिंह की भूमिका अहम सामने आई है। एएसआई रणबीर अकेले ही बाकी अफीम को खुर्द-बुर्द करने की फिराक में था, उसी ने कुछ अफीम में ट्रक में छिपाकर रखी थी। एक तरह से एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है और केस क्लॉज कर दिया है। जल्द ही इसका चालान कोर्ट में पेश किया जाना है। एसआईटी के अनुसार, आरोपी एएसआई रणबीर दो मामलों में नामजद है। एक फतेहाबाद के बनगांव के अपने दोस्त को अफीम देने पर और दूसरा ये अफीम गबन करने पर एफआईआर दर्ज है। पुलिस ने जो पहले धारा लगाई थी, वहीं लगाई है। इसमें कई पुलिसकर्मियों पर शक जताया जा रहा था। एसआईटी के अनुसार, अभी बाकी पर आरोप सही नहीं पाए गए। एसआईटी ने डिंग थाने में खड़े इंपाउंड ट्रक से 10 किलो अफीम और बरामद कर ली है और जांच में ये ट्रक की ड्राइवर सीट के पास रखी मिली है। एसआईटी अभी नशा तस्करों के गिरोह का पता नहीं लगा पाई है। इसके लिए पुलिस आरोपियों को मणिपुर लेकर गई थी। मगर वहां पर पहले ही हालात खराब थे और दंगे होने से माहौल ठीक नहीं था। इस कारण वहां से टीम वापस आ गई। मणिपुर में हालात सामान्य होने पर आरोपियों को रिमांड पर लेकर दोबारा लेकर जाया जाएगा। थाने में इंपाउंड ट्रक से मिली थी 10 किलो और अफीम डिंग थाना पुलिस के अनुसार, शुरू में राजस्थान और हरियाणा पुलिस की टीम ने ट्रक से ₹4.5 करोड़ (89 किलो 970 ग्राम) की अफीम जांच में पकड़ी दिखाई थी। बाद में खुलासा हुआ कि जब्त की गई कुल अफीम इससे कहीं अधिक है, जिसका वजन कुल 100 किलो के आसपास है। एसआईटी को जांच में थाने में इंपाउंड ट्रक से 12 और नए पैकेट मिले, जिनमें कुछ आधा किलो तो कुछ किलो की पैकिंग में थे। 10 किलो और अफीम बरामद की, जिसकी कीमत करीब 45 लाख रुपए है। सिलीगुड़ी से जोधपुर जाना था यह ट्रक अफीम से भरकर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से आया था और राजस्थान के जोधपुर जाना था। राजस्थान की जोधपुर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पास इसका इनपुट था। राजस्थान की टीम ने सिरसा आकर इस ट्रक को पकड़ा और सिरसा पुलिस को सूचना दी। लोकल डिंग थाना पुलिस के साथ मिलकर ये बरामद की। इन पर गिरी थी गाज इस मामले में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत और अफीम में हेराफेरी सामने आने पर एक एएसआई (ASI) रणबीर सिंह को बर्खास्त करके गिरफ्तार किया गया। डिंग थाना एसएचओ (SHO) को निलंबित कर दिया गया और डीएसपी राज सिंह को नूंह भेज दिया। हालांकि, जांच में उनका कोई लिंक सामने नहीं आया है, वे इस मामले में नोडल अधिकारी थे। स्वयं हरियाणा डीजीपी ने इस पर संज्ञान लिया और हिसार रेंज के आईजी ने एसआईटी बनाई। ये पकड़े जा चुके और ऐसे सामने आया लिंक बुधवार (10 जून) को सिरसा की डिंग थाना पुलिस और राजस्थान से जोधपुर की संयुक्त पुलिस टीम ने एनएच-9 स्थित भावदीन टोल प्लाजा के समीप नाकाबंदी के दौरान ट्रक नंबर जेके-02-बीके-5276 को पकड़ा था। राजस्थान के पाली जिले के बिश्नोइयां की ढाणी भाणिया के रहने वाले ट्रक ड्राइवर किशना राम को अरेस्ट कर लिया। ड्राइवर की निशानदेही पर जम्मू-कश्मीर से थाना भीरा नजदीक भिड़े कलां निवासी ट्रक मालिक गगनदीप सिंह एवं अफीम का मुख्य सप्लायर जिला पाली (राजस्थान) से डूंगरपुर निवासी सुखराम गिरफ्तार किया। 13 तारीख को फतेहाबाद के बनगांव निवासी शमशेर को पुलिस ने अफीम के साथ पकड़ा तो उसने एएसआई रणबीर का नाम उगल दिया। फिर सिरसा एसपी ने एक्शन लिया। आरोपी रणबीर पर दो मुकदमे दर्ज- एएसपी मामले में SIT से एएसपी मयंक मुदगिल के अनुसार, सिरसा में ट्रक से पकड़ी अफीम वाला केस सुलझ गया है और इसका अब चालान कोर्ट में पेश किया जाना है। एएसआई रणबीर सिंह बाकी अफीम को खुर्द-बुर्द करने की फिराक में था। उस पर दो मुकदमें दर्ज हैं। मणिपुर में हालात सामान्य थे तो वहां जा नहीं पाए। बाकी नेटवर्क पता लगाने की जांच चल रही है।



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