Related Posts

हाईकोर्ट बोला- वैध पत्नी को मिलेगा फैमिली पेंशन अधिकार:पहली के रहते दूसरा विवाह शून्य, पेंशन लाभ नहीं मिल सकता; दूसरी पत्नी का दावा खारिज




पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी को मृत सरकारी कर्मचारी की फैमिली पेंशन का अधिकार नहीं मिल सकता। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आज एक फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि दूसरा विवाह नियमों और कानून के विपरीत किया गया है तो ऐसी महिला को मृत कर्मचारी की ‘विधवा’ नहीं माना जा सकता। साथ ही वह राज्य से पारिवारिक पेंशन की मांग भी नहीं कर सकती। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने मोहाली निवासी प्रिया की ओर से दायर अपील एलपीए को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के तहत दूसरी शादी तभी मान्य हो सकती है जब वह कानूनन वैध हो। पहली पत्नी के जीवित रहते किया गया दूसरा विवाह शून्य माना जाएगा और उससे किसी प्रकार का पेंशन संबंधी अधिकार पैदा नहीं होता। अब 4 पॉइंट्स में समझे मामला:- एक से अधिक विधवाओं के बीच पेंशन बांटने का प्रावधान हाई कोर्ट ने इस दलील को विस्तार से परखा और कहा कि नियम 54(7) में एक से अधिक विधवाओं के बीच पेंशन बांटने का प्रावधान है, लेकिन इसका लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिल सकता है जिनका विवाह कानूनन वैध हो। अदालत ने कहा कि ‘विधवा’ शब्द का सामान्य और कानूनी अर्थ मृत व्यक्ति की वैध पत्नी से है। यदि विवाह ही कानून की नजर में मान्य नहीं है तो संबंधित महिला को विधवा का दर्जा नहीं दिया जा सकता। सरकारी सेवकों के लिए लागू हैं स्पष्ट नियम खंडपीठ ने कहा कि सरकारी सेवकों के लिए लागू नियम पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने पर रोक लगाते हैं। ऐसे में दूसरी शादी से उत्पन्न संबंध राज्य के विरुद्ध किसी वैधानिक अधिकार का आधार नहीं बन सकते। अदालत ने स्पष्ट किया कि गुजारा भत्ता या घरेलू संबंधों से जुड़े कुछ मामलों में न्यायालय अलग दृष्टिकोण अपना सकते हैं, लेकिन फैमिली पेंशन एक वैधानिक अधिकार है, जिसे केवल नियमों के अनुरूप ही प्रदान किया जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि जब पहले ही विभिन्न न्यायिक मंचों पर यह तय हो चुका है कि मोहिंदर कौर ही मेजर हरि सिंह की वैध पत्नी थीं और प्रिया का वैवाहिक दावा स्वीकार नहीं किया गया, तब उन्हें फैमिली पेंशन का लाभ देने का कोई कानूनी आधार नहीं बचता।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें