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हरियाणा में खाद-बीज डीलरों की हड़ताल:सोनीपत में दुकानें बंद; टैगिंग और मार्जिन बढ़ाने की मांग, सैंपलिंग नियमों के विरोध में प्रोटेस्ट




हरियाणा में खाद, बीज और कीटनाशक दवाइयों के डीलरों ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सांकेतिक हड़ताल की।सोनीपत में दोपहर 2 बजे तक दुकानें बंद रखकर विरोध जताया गया। जिले में हरियाणा सीड, फर्टिलाइजर पेस्टीसाइड डीलर एसोसिएशन के आह्वान पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया गया। डीलरों ने एकजुट होकर सरकार से लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सोनीपत में दुकानें बंद कर जताया विरोध बिन्नी बीज भंडार के मालिक सतीश कुमार ने बताया ऑल इंडिया लेवल पर आज हड़ताल चल रही है और हड़ताल की वजह यह है कि कोई भी सामान जब उनके पास आता है तो वह सील पैक होता है और सील पैक ही उसे बेच दिया जाता है। जब सैंपल चेक होता है तो या वह गुणवत्ता पर खराब नहीं उतरता तो उसके लिए दुकानदार को जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है, जबकि दुकानदार का उसमें किसी भी प्रकार का कोई कसूर नहीं होता।
सांकेतिक हड़ताल के दौरान किसी भी प्रकार की खाद, बीज या कीटनाशक दवाई की बिक्री नहीं की गई। डीलरों ने कहा कि वे लंबे समय से आर्थिक और प्रशासनिक दबाव झेल रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। टैगिंग सिस्टम बना बड़ी परेशानी
डीलरों का कहना है कि यूरिया और डीएपी जैसे अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर-जरूरी उत्पाद जबरन थोपे जा रहे हैं। पिछले 4-5 वर्षों से यह समस्या लगातार बढ़ रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने इस व्यवस्था को तुरंत खत्म करने की मांग उठाई। मार्जिन बढ़ाने और F.O.R डिलीवरी की मांग डीलरों ने यूरिया, डीएपी, एमओपी और एनपीके उर्वरकों पर मिलने वाले कमीशन (मार्जिन) में बढ़ोतरी की मांग की। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सभी उर्वरक दुकानों तक F.O.R (फ्री ऑन रेल/रोड) आधार पर पहुंचाए जाएं, ताकि परिवहन का अतिरिक्त बोझ उन पर न पड़े। कानूनी सुरक्षा को लेकर भी उठाई आवाज डीलरों ने कीटनाशक अधिनियम और बीज विधेयक के तहत सीलबंद उत्पाद बेचने वाले विक्रेताओं को राहत देने की मांग की। उनका कहना है कि यदि किसी उत्पाद का सैंपल फेल होता है, तो इसकी जिम्मेदारी विक्रेता की बजाय निर्माता कंपनी की होनी चाहिए। ‘साथी पोर्टल’ की अनिवार्यता पर आपत्ति बीज बिक्री के लिए लागू ‘साथी पोर्टल’ को लेकर भी डीलरों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि इस पोर्टल की अनिवार्यता केवल निर्माता कंपनियों तक सीमित होनी चाहिए, इसे डीलरों पर थोंपना उचित नहीं है। डीलरों ने मांग की कि खाद, बीज और कीटनाशक दुकानों पर होने वाली सैंपलिंग प्रक्रिया को ‘छापा’ न कहकर ‘निरीक्षण’ कहा जाए, क्योंकि यह एक नियमित प्रक्रिया है और इससे व्यापारियों की छवि पर असर पड़ता है। राई ब्लॉक में सामूहिक धरना प्रदर्शन सोनीपत के राई ब्लॉक में भी डीलरों ने एकजुट होकर धरना प्रदर्शन किया। ब्लॉक प्रधान राजकुमार के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में विनोद, गगन, पुनीत, मुकेश, जोगेंद्र, सुरेश, संजय, ईश्वर, इंद्र, सतीश और सचिन सहित कई दुकानदार शामिल हुए।
डीलरों ने साफ किया कि यह केवल एक दिवसीय सांकेतिक बंद है। यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



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