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सिरसा में अब किसानों को धान फसल की सीधी बिजाई पर 4500 रुपए प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इससे किसानों में धान की सीधी बुवाई के लिए रूचि बढ़ेगी और रकबा बढ़ पाएगा। कृषि विभाग का दावा है कि धान की सीधी बुवाई से करीब 20 प्रतिशत पानी की बचत होती है। इससे जमीनी पानी का स्तर भी नहीं गिरेगा।
विभाग के अनुसार, धान की सीधी बुवाई करने वाले किसानों को योजना के तहत अपनी फसल का पंजीकरण मेरी फसल-मेरा ब्यौरा ऑनलाइन पोर्टल पर करना अनिवार्य होता है। पंजीकरण के बाद पात्र किसानों को सरकार की ओर से 4500 रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुदान दिया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलती है। इससे पहले किसानों को तीन हजार रुपए प्रोत्साहन राशि मिलती थी, जिसे बढ़ा दिया गया है। यह किसानों के हित में सरकार ने बजट सत्र के बाद नोटिफिकेशन जारी कर भी प्रावधान कर दिया है। मगर अभी सरकार की ओर से देसी कपास की बुवाई के लिए प्रोत्साहन राशि नहीं बढाई गई है। इसके प्रति किसानों में रोष का माहौल बना हुआ है। भूजल स्तर पर पड़ता है दबाव : विभाग विभाग के अनुसार, पारंपरिक तरीके से धान की खेती में पानी की अधिक खपत होती है, जिससे भूजल स्तर पर भी दबाव पड़ता है। ऐसे में यह योजना जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पंजीकृत किसानों के खेतों का भौतिक सत्यापन भी किया जाता है। इस प्रक्रिया में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी, संबंधित गांव के नंबरदार या पटवारी तथा स्वयं किसान शामिल होते हैं। 15 हजार से ज्यादा किसान उठा रहे फायदा : डीडीए
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान जिला सिरसा में इस योजना के तहत 15,046 किसानों द्वारा 96,855 एकड़ क्षेत्र में धान की सीधी बिजाई की गई, जिसका सफलतापूर्वक सत्यापन किया गया। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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सिरसा किसानों को धान की सीधी बिजाई पर मिलेंगे 4500:पिछले साल 96,855 एकड़ में थी बुवाई, विभाग का दावा-20 प्रतिशत पानी बचत







