spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

'सतलुज' के विरोध में बेअंत सिंह हत्याकांड के इकलौते गवाह:दिलजीत की फिल्म के किरदारों पर आपत्ति; बलविंदर बिट्टू बोले-इतिहास से की छेड़छाड़




पंजाबी अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज रिलीज के बाद विवादों में घिर गई है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड के इकलौते जीवित गवाह बलविंदर सिंह बिट्टू ने फिल्म में दिखाए गए तथ्यों और किरदारों के चित्रण पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों और मुख्य पात्रों के हुलिए के साथ छेड़छाड़ की गई है। जसवंत सिंह का असली हुलिया बदल दिया गया बलविंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि फिल्म में जसवंत सिंह के किरदार को पगड़ी और दाढ़ी-मूंछ वाले सिख के रूप में दिखाया गया है, जबकि वास्तविकता इससे अलग थी। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह न तो पगड़ी पहनता था और न ही उसकी दाढ़ी-मूंछ थी। वह सामान्य व्यक्ति की तरह दिखता था। उसने मेरी दुकान पर बैठकर चाय पी थी, इसलिए मैं उसका चेहरा अच्छी तरह पहचानता हूं। सिनेमाई आजादी के नाम पर इतिहास नहीं बदला जाना चाहिए। सेक्टर-7 की दुकान से जुड़े थे मामले के अहम सुराग बलविंदर सिंह के अनुसार, वर्ष 1995 में वह चंडीगढ़ के सेक्टर-7 में डेंटिंग-पेंटिंग की दुकान चलाते थे। इसी दौरान जसवंत सिंह राजवाड़ा और आत्मघाती हमलावर दिलावर सिंह उनकी दुकान पर आए थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों की एम्बेसडर कार उनकी दुकान पर पेंट कराई गई थी। बाद में इसी वाहन का इस्तेमाल पंजाब सिविल सचिवालय के बाहर हुए विस्फोट में किया गया। धमाके के बाद जब अखबारों में आरोपियों की तस्वीरें प्रकाशित हुईं तो उन्होंने वाहन और लोगों की पहचान की तथा स्वयं पुलिस के पास जाकर जानकारी दी। इसके बाद वह इस मामले के सबसे महत्वपूर्ण गवाह बने। 31 अगस्त 1995 को आत्मघाती बम विस्फोट में गई थी बेअंत सिंह की जान 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सचिवालय के बाहर हुए आत्मघाती बम विस्फोट में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह सहित 17 लोगों की मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि पंजाब पुलिस का कर्मचारी दिलावर सिंह आत्मघाती हमलावर था। मामले में जसवंत सिंह राजवाड़ा, बलवंत सिंह राजोआना और जगतार सिंह हवाड़ा सहित अन्य लोगों के नाम भी सामने आए थे। मेकर्स की ओर से नहीं आया कोई बयान बलविंदर सिंह बिट्टू के आरोपों के बाद फिल्म की ऐतिहासिक प्रामाणिकता को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि, इस विवाद पर अब तक फिल्म के निर्माताओं या अभिनेता दिलजीत दोसांझ की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles