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श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की CM को चेतावनी:कहा- सिख मामलों में सरकारी दखल बर्दाश्त नहीं, कल बाबा बकाला कॉन्फ्रेंस में लेंगे बड़ा फैसला




पंजाब में बेअदबी कानूनों को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गढ़गज और राज्य सरकार के बीच सीधे टकराव की स्थिति बन रही है। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गढ़गज ने सीएम मान चेतावनी दी है कि ये कानून सिख पंथ को मंजूर नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि सिख धर्म और परंपराओं में किसी भी तरह का सरकारी दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर रविवार 31 मई को बाबा बकाला साहिब में एक बहुत बड़ी पंथक कॉन्फ्रेंस हो रही है जिसमें पंथ बड़ा फैसला लेगा।
ज्ञानी गढ़गज शनिवार को लुधियाना आए और उन्होंने बाबा बकाला में होने वाली पंथक कॉन्फ्रेंस के संबंध में सिख जत्थेबंदियों के साथ बैठक की। उन्होंने सिख संगठनों से अपील की है कि वो इस कॉन्फ्रेंस में जरूर आएं और ताकि पंथ को सरकारी दखलंदाजी से बचाया जा सके। लुधियाना में जुटीं सिख जत्थेबंदियां बाबा बकाला साहिब में होने वाले इस बड़े इकट्ठे की रूपरेखा तैयार करने के लिए लुधियाना के ऐतिहासिक गुरुद्वारा शहीदां फेरूमान में एक अहम बैठक बुलाई गई। इस बैठक में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), दमदमी टकसाल, और अलग-अलग सिख संगठनों के बड़े नेताओं और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता खुद जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गढ़गज ने की। जत्थेदार ने बताई कानून में विवाद की 3 बड़ी वजहें… 1. कानून के बहाने नियंत्रण की कोशिश: जत्थेदार गढ़गज ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, सरकार बेअदबी विरोधी कानून की आड़ में सिख समाज की अंदरूनी व्यवस्था और मैरीलैंड (धार्मिक नियमों) को काबू करना चाहती है, जो सीधे तौर पर धर्म पर हमला है। 2. सरकार के पास अधिकार नहीं: उन्होंने कहा कि किसी भी ਚੁਣੀ हुई राजनीतिक सरकार के पास सिखों के धार्मिक मामलों या गुरु मर्यादा पर फैसला लेने का कोई कानूनी या धार्मिक अधिकार नहीं है। 3. पुराना दर्द और ढुलमुल रवैया: जत्थेदार ने अतीत में हुई बेअदबी की दर्दनाक घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार असली दोषियों को सजा देने में नाकाम रही है और अब नए कानूनों का ड्रामा कर रही है। 31 मई को ‘बाबा बकाला साहिब’ से जारी होगा बड़ा फरमान लंबे समय बाद सिख राजनीति में इस तरह की बड़ी लामबंदी देखने को मिल रही है। 31 मई को बाबा बकाला साहिब में होने वाली इस बड़ी पंथक कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश से सिख प्रतिनिधि पहुंच रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस कांफ्रेंस में सरकार को पीछे हटने के लिए आखिरी चेतावनी दी जा सकती है, या फिर कौम की ओर से कोई बड़ा आंदोलन शुरू करने का प्रस्ताव पास हो सकता है।



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