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शिमला में स्कूल संचालिका ने बताया था जान को खतरा:पुराना वीडियो वायरल, पुलिस पर उठ रहे सवाल, 17 घंटे बाद भी गिरफ्तारी नहीं




हिमाचल की राजधानी शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल का पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें मनीषा ने अपने भाई और उसके पार्टनर गोविंद से जान को खतरा बताया था। आखिरकार उनकी यह शंका सही साबित हुई। इसमें मनीषा गाली-गलौज और परेशान करने की बात कह रही हैं। यही नहीं, कुछ पेरेंट्स पर भी मनीषा स्कूल के स्वामित्व के इस मामले में शामिल होने की बात कह रही हैं। मनीषा दावा करती हैं कि वह अपने माता-पिता के जीवित रहते स्कूल की वाइस प्रेसिडेंट थीं। पिता के निधन के बाद वह एक्टिव प्रेसिडेंट बन गईं। वीडियो वायरल होने के बाद शिमला पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। मनीषा कहती हैं कि, पुलिस को मैंने फोन किया, तो पुलिस कहती है कि जब लड़ाई-झगड़ा होगा तब हम आ जाएंगे। क्या ये तब मेरी मदद करेंगे, जब मुझे मार देंगे? मैं यहां अपनी बेटी के साथ अकेली हूं। मैंने एसपी सर को भी फोन किया। मनीषा की बेटी को मिले सुरक्षा: अतुल शिमला के चौपाल से जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने कहा कि पुलिस ने भी महिला को सुरक्षा नहीं दी। यह सारी कमियां रही हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल में इस तरह का गन कल्चर दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने शूटरों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने मनीषा मित्तल की बेटी को भी सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। भाई हिमांग और गोविंद से खतरा बताया था: कोहली शिमला निवासी अमित कोहली ने बताया कि मनीषा मित्तल से छह महीने पहले मुलाकात हुई थी। तब मनीषा ने बताया था कि उन्हें अपने भाई हिमांग और उसके पार्टनर गोविंद से जान का खतरा है। अब वही हुआ। कोहली ने भी पुलिस पर मनीषा की शिकायत को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह मनीषा को दिन-दहाड़े मार दिया गया, उसी तरह उनकी बेटी को भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है। गोलियों से भूनने के बाद आरोपी फरार बता दें कि शनिवार शाम करीब छह बजे संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल परिसर में मनीषा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मनीषा को गोलियों से भूनने के बाद नकाबपोश हमलावर फरार हो गए। मनीषा का शव स्कूल गेट के पास पड़ा था। 17 घंटे बाद भी आरोपी फरार बताया जा रहा है कि उन पर तीन फायर किए गए हैं, लेकिन उन्हें इनमें से कितनी गोलियां लगीं, इसकी जांच की जा रही है। शिमला पुलिस घटना के लगभग 17 घंटे बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है।



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