मध्य लाओस की एक गुफा में एक सप्ताह से ज्यादा समय से फंसे 5 ग्रामीण शनिवार को सुरक्षित बाहर निकल आए। अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू टीम उन्हें पानी से भरी सुरंगों के जरिए निकालने की तैयारी कर रही थी, लेकिन कई दिनों की पंपिंग के बाद जलस्तर घटा और सभी ग्रामीण खुद बाहर आ गए। ग्रामीण सोने की तलाश में गुफा में गए थे, लेकिन भारी बारिश के कारण अंदर फंस गए। शुक्रवार को एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इसके बाद बाकी लोगों को निकालने के लिए जोखिम भरे रेस्क्यू की तैयारी चल रही थी। रेस्क्यू टीम के अनुसार रातभर पानी निकालने की कार्रवाई जारी रही, जिससे गुफा के अंदर का जलस्तर काफी कम हो गया। शनिवार को बाकी ग्रामीण खुद बाहर निकल आए। इससे गोताखोरों को खतरनाक जलमग्न सुरंगों से लोगों को निकालने की जरूरत नहीं पड़ी। ग्रामीणों के बाहर आते ही उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई परिजन भावुक हो गए और राहत की सांस ली। हालांकि राहत अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। दो अन्य ग्रामीण अब भी लापता हैं और उनके लिए तलाश अभियान जारी रहने की संभावना है। रेस्क्यू टीम को बचे हुए ग्रामीणों से गुफा का नया नक्शा मिला है। इसके आधार पर गुफा के भीतर मौजूद संभावित एयर पॉकेट वाले हिस्सों में खोज अभियान चलाया जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक गुफा का रास्ता बेहद खतरनाक है। कई जगह सुरंगें केवल 60 सेंटीमीटर चौड़ी हैं और पानी इतना गंदला है कि दृश्यता लगभग शून्य हो जाती है। फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए गोताखोरों ने विशेष प्रशिक्षण भी दिया था। जानकारी के मुताबिक सभी ग्रामीण सोने की तलाश में गए थे। लाओस में बढ़ती सोना कीमतों और सीमित रोजगार अवसरों के बीच अनौपचारिक खनन गतिविधियां बढ़ी हैं। इस घटना के बाद सरकारी एजेंसियां अवैध खनन पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में हैं। फिलहाल पूरे इलाके में पांच ग्रामीणों के सुरक्षित लौटने की खुशी मनाई जा रही है।
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वर्ल्ड अपडेट्स:लाओस की बाढ़ग्रस्त गुफा से 5 ग्रामीण खुद बाहर निकले, रेस्क्यू टीम हैरान; 2 अब भी लापता
