पंजाब आम आदमी पार्टी के 3 राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने पर पंजाब की सियासत गरमाई हुई है। वहीं, कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का कहना है कि आम आदमी पार्टी में टूट होना तय था क्योंकि इस पार्टी की कोई विचारधारा नहीं है। उन्होंने AAP नेतृत्व को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी सिर्फ सांसद ही गए हैं, लेकिन पार्टी को अपने विधायकों पर भी ध्यान देना चाहिए क्योंकि AAP के करीब 50 विधायक भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। सांसदों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब की राजनीति में इन सांसदों की अब कोई प्रासंगिकता नहीं रह गई है। उन्होंने AAP और बीजेपी दोनों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ये दोनों पार्टियां सिर्फ अपनी ब्रांडिंग में लगी हैं और जनता की मांगों की अनदेखी कर रही हैं। जनता सबक सिखाएगी सीएम भगवंत मान ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओ को “गद्दार” करार देते हुए कहा कि वे पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि सरपंच का भी वोट बैं होता है, लेकिन यह सरपंच बनने के लायक भी नहीं है। इन्हें तो सीधे पद दिए गए थे। पंजाब की जनता इन्हें जरूर सबक सिखाएगी। पंजाब के लोगों से पार्टी का मोहभंग हुआ: जाखड़ पंजाब BJP के प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि AAP के डूबते जहाज़ को समय रहते छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में आए सभी सांसदों का हार्दिक स्वागत है। आप के खराब शासन, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के कारण जहां पंजाब के लोगों का इस पार्टी से मोहभंग हो चुका है, वहीं पार्टी द्वारा जनहितों का त्याग करने के बाद इसके अंदर के अच्छे लोग भी पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
अभी तो पार्टी शुरू हुई है: मजीठिया शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि “हम सभी जानते थे कि ये लोग बीजेपी में शामिल होंगे। अफसोस है कि इस वजह से पंजाब का नुकसान होगा। इन्होंने कभी भी संसद में पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का “दिल और दिमाग दिल्ली में ही है” और उन्हें अपनी बहुमत साबित करनी चाहिए। अभी तो पार्टी शुरू हुई। पंजाब के विधायकों में अंसतोष बढ़ा: वेरका कांग्रेस नेता डॉ राज कुमार वेरका ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की नीतियों के खिलाफ अब उनकी अपनी पार्टी के लोग ही खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP ने जनता से किए गए वादे पूरे नहीं किए, जिसके कारण लोगों और नेताओं दोनों में निराशा है। वेरका ने कहा, “झूठ के आधार पर खड़ी राजनीति ज्यादा समय तक नहीं टिक सकती।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पंजाब के विधायकों में भी असंतोष बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में बड़े राजनीतिक बदलाव का कारण बन सकता है। दिल्ली से लेकर पंजाब तक राजनीतिक माहौल बदलने वाला है। वेरका के मुताबिक मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में राजनीति में बड़ा ‘भूकंप’ आ सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि AAP के कई नेता अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और नई राजनीतिक संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं।
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