लुधियाना में कॉर्पोरेट धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में डेहलों थाना पुलिस ने एक कृषि मशीनरी निर्माण कंपनी के जापानी के मैनेजिंग डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर और 3 अन्य अफसरों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश के आरोप में केस दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों ने डेमो और प्रदर्शनी के लिए ली गई 61.60 लाख रुपए से अधिक कीमत की कृषि मशीनें वापस नहीं कीं। इन आरोपियों पर पुलिस ने दर्ज किया केस शिकायत गांव आलमगीर स्थित जगतसुख इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि जगजीत सिंह ने दी है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मुनेनोरी ओहटा, डिप्टी डायरेक्टर तकायुकी साइटो, हरमीत सिंह, ऋत्विक दास और तोशियो कोंडो के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420 और 120-बी के तहत FIR दर्ज की है। डेमो और प्रदर्शनियों के लिए मांगी थीं मशीनें
शिकायत के अनुसार वर्ष 2023 में कंपनी के अधिकारियों ने विभिन्न राज्यों में डेमो, फील्ड ट्रायल और कृषि प्रदर्शनियों के लिए राइड-ऑन बूम स्प्रेयर मशीनें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि मशीनें केवल “रिटर्नेबल बेसिस” पर ली जा रही हैं और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद लौटा दी जाएंगी। जगतसुख इंडस्ट्रीज ने इन आश्वासनों पर विश्वास करते हुए मशीनें डिलीवरी चालान के माध्यम से भेजीं। चालानों पर स्पष्ट रूप से “रिटर्नेबल” और “रिटर्नेबल बेसिस” अंकित था। शिकायतकर्ता का दावा है कि कंपनी ने ई-मेल के जरिए भी मशीनें वापस करने की शर्त की पुष्टि की थी। 2 साल बाद भी नहीं लौटाईं मशीनें
शिकायत में कहा गया है कि लगभग दो वर्ष बीत जाने और कई बार मांग करने के बावजूद मशीनें वापस नहीं की गईं। चार राइड-ऑन बूम स्प्रेयर मशीनें हरियाणा और महाराष्ट्र के अलग-अलग स्थानों पर डेमो और प्रदर्शनियों के लिए भेजी गई थीं। प्रत्येक मशीन की कीमत करीब 15.40 लाख रुपए बताई गई है। चारों मशीनों का कुल मूल्य 61.60 लाख रुपए से अधिक है। शुरू से धोखा देने की थी नीयत: शिकायतकर्ता
जगजीत सिंह ने आरोप लगाया कि मशीनें केवल इसलिए भेजी गईं क्योंकि आरोपियों ने उन्हें वापस करने का भरोसा दिया था। यदि ऐसा आश्वासन नहीं दिया जाता तो कंपनी मशीनें भेजने से पहले पूरा भुगतान लेती। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी योजनाबद्ध तरीके से अस्थायी उपयोग का बहाना बनाकर मशीनें लेते रहे और बाद में उन्हें अपने कब्जे में रख लिया, जिससे शुरू से ही धोखाधड़ी की मंशा होने का संकेत मिलता है। पुलिस ने जांच शुरू की
शिकायतकर्ता ने पुलिस से चारों मशीनों की बरामदगी, विस्तृत जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि कंपनी के प्रतिनिधियों को कई बार जांच में शामिल होने और बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया, लेकिन कोई भी जांच में शामिल नहीं हुआ। डेहलों थाना की एसएचओ सब-इंस्पेक्टर अवनीत कौर ने मीडिया को बताया कि आरोपियों को जांच में शामिल होने के लिए समन जारी किए जाएंगे और मामले की जांच जारी है।
Source link
लुधियाना में जापानी MD समेत 5 अफसरों पर FIR:रिटर्नेबल आधार पर ली 61.60 लाख की एग्रीकल्चर मशीनें; 2 साल बाद भी नहीं लौटाईं
