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लुधियाना में एसई पर हमला करने वाले पार्षद पर FIR:नगर निगम जोन-B में मारा था थप्पड़, MC-कमिश्नर की सिफारिश पर पुलिस कमिश्नर ने लिया एक्शन




लुधियाना में नगर निगम जोन-B दफ्तर में सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीन सिंगला को थप्पड़ मारने के मामले में पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल के पार्षद चतरवीर सिंह उर्फ कमल अरोड़ा के खिलाफ FIR दर्ज कर दी। पुलिस ने यह मामला नगर निगम कमिश्नर की तरफ से पुलिस कमिश्नर को लिखे लेटर के बाद थाना डिवीजन नंबर तीन में दर्ज किया है। पुलिस ने पार्षद कमल अरोड़ा व उसके एक अज्ञात साथी के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। लुधियाना में नगर निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर (एसई) के साथ शिअद पार्षद ने 10 जून को हाथापाई की थी। जिसके बाद एसई प्रवीन सिंगला ने नगर निगम कमिश्नर को इस संबंध में शिकायत दी। निगम कमिश्नर ने एसई की शिकायत पुलिस कमिश्नर को फॉरवर्ड की थी। पुलिस ने पार्षद के खिलाफ बीएनएस की धारा 221, 132, 324(4), 352, 351(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में शिअद पार्षद पर लगाए ये गंभीर आरोप… कमल अरोड़ा ने मारपीट के आरोपों को किया खारिज वहीं, कमल अरोड़ा ने मारपीट के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके और अधिकारी के बीच केवल तीखी बहस हुई थी, किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि एफआईआर शुक्रवार को दर्ज की गई थी, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी रविवार को मिली। इससे पहले मेयर इंद्रजीत कौर ने कहा था कि उन्हें घटना की जानकारी है और नगर निगम इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेगा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि निगम की ओर से पार्षद के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है या नहीं। वीडियो जारी कर पार्षद ने लंबित फाइलें रोकने के एसई पर लगाए थे आरोप
गुरुवार को जारी एक वीडियो में पार्षद कमल अरोड़ा ने अपना पक्ष रखते हुए आरोप लगाया कि संबंधित एसई उनके वार्ड से जुड़ी विकास कार्यों की लंबित फाइलों पर कार्रवाई नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह अपने वार्ड के विकास कार्यों के सिलसिले में जोन-बी कार्यालय पहुंचे थे और अधिकारी से फाइल मंजूर करने का अनुरोध किया था, लेकिन अधिकारी ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया। अरोड़ा का आरोप है कि अधिकारी लगातार उनके वार्ड के विकास कार्यों में देरी कर रहे थे। इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच बहस हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी सत्तारूढ़ दल के दबाव में विपक्षी पार्षदों के वार्डों के विकास कार्यों को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर हम अपने वार्ड की समस्याएं अधिकारियों के सामने नहीं रखेंगे तो फिर किसके सामने रखेंगे? विपक्षी पार्षदों की सुनवाई नहीं हो रही है।” फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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