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रोहतक में गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा में विवाद रूकने का नाम नहीं ले रहा। संस्था के पूर्व प्रधान रामकरण अत्री ने प्रिंसिपल डॉ. जयपाल शर्मा को रिटायर होने के बाद दोबारा एक साल की एक्सटेंशन देने का विरोध किया और इस मामले में आंदोलन की चेतावनी भी दी। गौड़ ब्राह्मण संस्था के पूर्व प्रधान रामकरण अत्री ने कहा कि डॉ. जयपाल शर्मा को गलत तरीके से एक साल की एक्सटेंशन दी गई है। जिसके कारण संस्था के सदस्यों और स्टाफ में रोष है। डॉ. जयपाल शर्मा पहले भी 20 जून 2020 को पिछले दरवाजे से प्रिंसिपल बन गए थे। 6 साल तक प्रिंसिपल रहकर भ्रष्टाचार किया और अब एक साल की फिर से एक्सटेंशन दी गई है। संस्था के योग्य प्रोफेसर को स्थाई प्रिंसिपल लगाने की मांग
पूर्व प्रधान रामकरण अत्री ने कहा कि संस्था के किसी काबिल प्रोफेसर को स्थाई प्रिंसिपल लगाया जाए। साथ ही सरकार से सवाल किया कि किस मजबूरी के कारण डॉ. जयपाल को दोबारा प्रिंसिपल लगाया गया है। क्या संस्था में कोई योग्य प्रोफेसर नहीं है। 36 साल संस्था में नौकरी करने के बाद रिटायर हुए डॉ. जयपाल पर सरकार मेहरबान क्यों है। पूर्व प्रधान ने कैबिनेट मंत्री और एचपीएससी सदस्य से बताई सांठगांठ
पूर्व प्रधान रामकरण अत्री ने कहा कि डॉ. जयपाल शर्मा की हरियाणा सरकार के एक मंत्री और एचपीएससी की सदस्य के साथ सांठगांठ है। उनका सहारा लेकर ही एक्सटेंशन हासिल की। बहुत बड़ा खेल किया गया है। 6 साल तक प्रिंसिपल रहते हुए संस्था में मनमानी की और अब एक साल तक फिर उसी के हवाले संस्था को करना सही नहीं है। 20 लाख रुपए का डॉ. जयपाल से मांगा हिसाब
पूर्व प्रधान रामकरण अत्री ने प्रिंसिपल डॉ. जयपाल शर्मा पर आरोप लगाया कि पहरावर गांव में संस्था की जमीन पर हवन करके करीब 20 लाख रुपए समाज के लोगों से एकत्रित किया गया, जो प्रिंसिपल को दिए गए। लेकिन प्रिंसिपल डॉ. जयपाल ने वह पैसा संस्था के अकाउंट में जमा नहीं करवाया और ना ही उनका हिसाब दिया। 15 लोगों से पैसे लेकर नौकरी देने का लगाया आरोप
पूर्व प्रधान रामकरण अत्री ने डॉ. जयपाल पर करीब 15 लोगों से पैसे लेकर नौकरी देने का आरोप भी लगाया है। जिसमें से एक व्यक्ति ने डेढ़ लाख रुपए दिए थे, जो केस दर्ज करवाने गया तो पुलिस की मौजूदगी में डॉ. जयपाल ने उसके पैसे वापस दिए थे। बाकी किसी के पैसे वापस नहीं किए गए। सरकार से गलत तरीके से लिया हाउस रेंट
पूर्व प्रधान रामकरण अत्री ने आरोप लगाया कि डॉ. जयपाल ने दुकान को हाउस दिखाकर सरकार से हाउस रेंट लिया है। यह सरकार के साथ भी धोखा है। साथ ही यूजीसी के नियमानुसार एक्सटेंशन लेने वाले को डीडी पावर नहीं दी जाती। इसलिए एक योग्य प्रोफेसर को वाइस प्रिंसिपल लगाया जाए और उसे डीडी पावर दी जाए। अगर सरकार ने ऐसा नहीं किया तो जल्द समाज के लोग बड़ा आंदोलन करने पर विवश होंगे।
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