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यमुनानगर में पूर्व सरपंच के घर फायरिंग केस:तीनों हमलावर अब भी फरार, जांच में सामने आया सरपंच का लंबा क्रिमिनल रिकॉर्ड




यमुनानगर जिले के रादौर क्षेत्र के गांव भूरे का माजरा में पूर्व सरपंच ऋषिपाल के बंद पड़े मकान पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में अब तक पुलिस को कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। वारदात को अंजाम देने वाले पल्सर बाइक सवार तीनों बदमाश अभी भी फरार हैं, जबकि पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस बीच जांच में पूर्व सरपंच का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड जरूर सामने आया है, जिसने इस केस को और ज्यादा गंभीर बना दिया है। पुलिस अब फायरिंग की घटना को सरपंच के पुराने ठगी मामलों और गैंग कनेक्शन से जोड़कर देख रही है। 20 साल पुराना आपराधिक इतिहास आया सामने जांच में खुलासा हुआ है कि पूर्व सरपंच ऋषिपाल पर ठगी के कुल 6 मामले दर्ज हैं, जिनकी शुरुआत करीब 20 साल पहले हुई थी। पूर्व सरपंच पर ठगी का पहला केस 2006 में उत्तराखंड के देहरादून जिला में दर्ज हुआ, इसके बाद दूसरा केस 2007 में करनाल में दर्ज हुआ। इसी प्रकार 2013 में अंबाला के बराड़ा थाने में ठगी का केस दर्ज किया गया।, 2016 को यमुनानगर के फर्कपुर थाने में, 2021 में फिर से अंबाला के मुलाना थाने में और आखिरी केस जनवरी 2026 में यमुनानगर के रादौर थाने में दर्ज हुआ। आखिरी केस दर्ज होने के बाद से वह अपनी पत्नी के साथ फरार है। फायरिंग वाले मकान में कोई नहीं रहता था जिस मकान पर बदमाशों ने 16-17 राउंड फायरिंग की, वह लंबे समय से बंद पड़ा था। जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच अपनी पत्नी के साथ मोहाली में रह रहा था और वहीं से लोगों को ठगने का रैकेट चलाता था, लेकिन केस दर्ज होने के बाद से वह वहां से भी फरार हो गया। फायरिंग की घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, हालांकि सामने वाले मकान में रह रहे उसके साले अंकित पर भी हमलावरों ने गोली चलाई थी, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। पुलिस फायरिंग केस में दो चीजें तलाश रही है पुलिस फायरिंग के मामले में दो एंगल पर एक साथ जांच कर रही है, जिसमें फायरिंग करने वाले हमलावरों की तलाश, फरार पूर्व सरपंच और उसके नेटवर्क की खोज शामिल है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, आसपास के जिलों में भी दबिश दी जा रही है। गैंग और रंजिश एंगल भी जांच के दायरे में प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह वारदात रंगदारी, गैंग रंजिश या पुराने ठगी विवाद से जुड़ी हो सकती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सरपंच के आपराधिक इतिहास और हालिया मामलों को देखते हुए किसी संगठित गिरोह की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। रादौर पुलिस की टीमें गांव भूरे का माजरा और आसपास के क्षेत्रों में लगातार छापेमारी कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई आरोपी गिरफ्तार नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में खुलासा किया जाएगा, क्योंकि कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। तीन बदमाशों ने किए थे 17 राउंड फायर मंगलवार-बुधवार देर रात गांव भूरे का माजरा में पूर्व सरपंच के बंद पड़े घर पर पल्सर बाइक सवार तीन बदमाशों ने 16-17 राउंड फायरिंग की थी। इस दौरान सामने वाले घर में रह रहे उसके साले पर भी गोली चलाई गई, हालांकि वह बाल-बाल बच गया। घटना के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए थे। पुलिस को मौके से 17 खाली खोल मिले थे और पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की हुई है। पूर्व सरपंच के साले ने इस फायरिंग में गैंगस्टर नोनी राणा, शुभम पंडित, अनिल उर्फ मोनू गुर्जर और कार्तिक शर्मा का हाथ होने की आशंका जताई है।



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