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मोहाली के नयागांव में बिजली विभाग के जेई पर FIR:सरकारी सील तोड़ने पर कार्यवाही, अवैध निर्माण पर नगर काउंसिल नें की थी सील




चंडीगढ़ से सटे मोहाली के नयागांव के दशमेश नगर क्षेत्र में सरकारी सील तोड़ने के मामले में पुलिस ने आरोपी प्रॉपर्टी मालिक गुरप्रीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। नगर काउंसिल नयागांव की शिकायत और कानूनी राय मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। गुरप्रीत सिंह बिजली विभाग में जेई के पद पर कार्यरत है। हालांकि यह बिल्डिंग उनकी मां सुरजीत कौर के नाम पर है। पड़ोसियों के अनुसार, उसे कभी नहीं देखा गया। गुरप्रीत सिंह ही इस बिल्डिंग की देखरेख करता था। जानकारी के अनुसार, ढिल्लों फार्म के पास स्थित उक्त प्रॉपर्टी में पंजाब बिल्डिंग बाय-लॉज का उल्लंघन कर अवैध निर्माण और कमर्शियल गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। इसके चलते नगर काउंसिल नयागांव ने 12 सितंबर 2025 को पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट, 1911 की संबंधित धाराओं के तहत बिल्डिंग को सील कर दिया था। निरीक्षण में खुली पोल, टूटी मिली सरकारी सील करीब डेढ़ महीने बाद, 31 अक्टूबर 2025 को नगर काउंसिल की टीम जब दोबारा निरीक्षण के लिए मौके पर पहुंची तो पाया कि प्रॉपर्टी पर लगाई गई सरकारी सील तोड़ दी गई है। जांच में सामने आया कि बिना किसी न्यायालयी आदेश या प्रशासनिक अनुमति के सील हटाकर भवन का उपयोग किया जा रहा था। इसके बाद नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। कानूनी राय के बाद दर्ज हुआ मामला मामला सरकारी सील तोड़ने और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने पहले जिला अटॉर्नी (लीगल) से राय ली। कानूनी मंजूरी मिलने के बाद नयागांव थाना पुलिस ने गुरप्रीत सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस ने मामले की जांच एएसआई अवतार सिंह को सौंप दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर कौंसिल टीम के साथ धक्का-मुक्की के भी लगे थे आरोप मामले में आरोपी गुरप्रीत सिंह और उसके परिवार पर नगर कौंसिल की टीम के साथ धक्का-मुक्की के भी आरोप लगे थे। 12 सितंबर से पहले, 4 सितंबर को नगर कौंसिल की टीम इस बिल्डिंग को सील करने के लिए आई थी, लेकिन उस समय टीम के पास पुलिस सुरक्षा नहीं थी। ऐसे में आरोपी परिवार की तरफ से धक्का-मुक्की की गई थी। 12 सितंबर को जब नगर कौंसिल की टीम वहां पहुंची, तो वह पुलिस बल के साथ पहुंची थी। इस धक्का-मुक्की और हाथापाई का जिक्र नगर परिषद की तरफ से पुलिस को भेजे गए पत्र में भी किया गया है। हालांकि, दर्ज किए गए मुकदमे में इसका जिक्र नहीं है।



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