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मोगा जिले में आजाद किसान मोर्चा पंजाब (एकेएम) ने केंद्र सरकार को सौंपे जाने वाले मांग पत्र के कार्यक्रम में बदलाव किया है। बता दे कि यह कार्यक्रम अब 8 अप्रैल के बजाय 10 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। मोर्चा के वरिष्ठ नेताओं सुख गिल (मोगा), तरनजीत सिंह निमाणा (लुधियाना) और हरिंदरजीत सिंह (जालंधर) ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा 8 अप्रैल को सरकारी अवकाश घोषित किए जाने के कारण यह बदलाव किया गया है। अब 10 अप्रैल को सुबह 10:30 बजे पंजाब के सभी 23 जिलों के डिप्टी कमिश्नरों के माध्यम से मांग पत्र सौंपे जाएंगे। नए कार्यक्रम के अनुसार भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील इस मांग पत्र में पंजाब में खस-खस (पोस्ता) की खेती को वैध बनाने और किसानों, मजदूरों व आम लोगों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा। मोर्चा ने अपने सभी सदस्यों और समर्थकों से नए कार्यक्रम के अनुसार अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे इस अवसर पर कई किसान संगठनों के प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें बीकेयू मझैल के प्रदेश अध्यक्ष सतनाम सिंह संधू (हरीके), बाढ़ पीड़ित किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष जसबीर सिंह आहलूवालिया, पंजाब किसान यूनियन बागी के प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह जब्बोवाल शामिल रहे भारी संख्या में लोग रहे मौजूद इनके अलावा शेर-ए-पंजाब किसान-मजदूर मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नछत्तर सिंह (कपूरथला), ऑल इंडिया किसान यूनियन फतेह के प्रदेश अध्यक्ष शरणजीत सिंह सरां और सरबत दा भला मंच पंजाब के अध्यक्ष सुखदीप सिंह खालसा शामिल थे। इसके अतिरिक्त, बीकेयू बंब के प्रदेश अध्यक्ष सरज सिंह बंब, भारतीय किसान मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष स्वर्ण सिंह कोट करोड़, इंसाफ टीम के अध्यक्ष जगमीत सिंह जग्गा, बीकेयू एकता मालवा के प्रदेश अध्यक्ष भूपिंदर सिंह, दलजीत सिंह सरपंच दानेवाला, चंदनदीप सिंह रौंता, तलविंदर गिल और कुलजीत सिंह रौंता समेत अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित थे। मोर्चा ने दोहराया कि किसानों और आम जनता के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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मोगा में आजाद किसान मोर्चा के कार्यक्रम में बदलाव:10 अप्रैल को केंद्र सरकार को देंगे मांग पत्र, मांगों को लेकर समाधान की मांग







