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महिला आरक्षण बिल रोकने पर विपक्ष पर हमला:अमृतसर में दिल्ली के मंत्री सिरसा बोले- कांग्रेस, सपा, AAP को माफ नहीं करेगी मातृशक्ति




नई दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री व भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने लोकसभा में पेश किए गए महिला आरक्षण बिल (‘नारी शक्ति बिल’) और अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने संसद में हाल ही में हुए घटनाक्रमों को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि महिलाओं के हक को रोकना लोकतंत्र के लिए एक निंदनीय कदम है। अमृतसर में सिरसा ने सीधे कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी (AAP) समेत अन्य विपक्षी दलों पर बिल में अड़ंगा लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दलों के विरोध के कारण देश की महिलाओं को मिलने वाला 33 प्रतिशत आरक्षण अधर में लटक गया है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनका इतिहास हमेशा केवल बातें करने का रहा है, लेकिन उन्होंने कभी भी इसे धरातल पर लागू नहीं होने दिया। नए विधेयकों और परिसीमन पर चर्चा, पंजाब में लोक सभा सीट 20 हो सकती है सिरसा ने संसद में चर्चा के दौरान परिसीमन बिल 2026, संविधान 131वां संशोधन बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश संशोधन बिल 2026 के महत्व को रेखांकित किया। उनका कहना है कि इन विधेयकों का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के हर नागरिक के वोट का मूल्य बराबर हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन से किसी भी राज्य का नुकसान नहीं होता, बल्कि जनता का प्रतिनिधित्व और मजबूत होता है। सिरसा के अनुसार, यदि सही ढंग से परिसीमन हो, तो पंजाब में लोकसभा सीटें बढ़कर 20 तक हो सकती हैं। प्रियंका गांधी के बयान पर पलटवार प्रियंका गांधी के हालिया बयानों पर सिरसा ने सवाल किया कि यदि सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आरक्षण ला रही है तो इसमें गलत क्या है? उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा की प्राथमिकता हर नागरिक को समान अधिकार देना है। भाजपा ने न केवल महिलाओं को सबसे अधिक प्रतिनिधित्व दिया, बल्कि एक आदिवासी महिला को राष्ट्रपति बनाकर बड़ा संदेश भी दिया है। बेअदबी विरोधी कानून का स्वागत और न्याय की मांग पंजाब की राजनीति पर चर्चा करते हुए सिरसा ने पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए बेअदबी विरोधी कानून का स्वागत किया। उन्होंने इसे एक सराहनीय कदम बताया, लेकिन साथ ही एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी। सिरसा ने मांग की कि नए कानूनों के साथ-साथ पुराने मामलों में भी पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलना चाहिए, ताकि समाज में कानून का विश्वास बना रहे। सिरसा ने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि विपक्ष को अपने किए का जवाब देश की जनता, और विशेषकर उन महिलाओं को देना होगा जिनके भविष्य के साथ उन्होंने खिलवाड़ किया है।



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