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भिवानी के आदर्श कॉलेज में सखी संगम-2026 आयोजित:हरियाणा महिला आयोग चेयरपर्सन रेनू भाटिया बोली- फूहड़ किस्म के गायक रातों-रात पॉपुलर होना चाहते हैं




भिवानी के आदर्श महिला महाविद्यालय में सखी संगम एलुमनाई 2026 का आगाज किया। जिसमें विद्यालय के अंदर पढ़ने वाली 1970 से लेकर 2025 तक जिन छात्राओं ने यहां से पास आउट किया और आज अलग-अलग क्षेत्र में कोई व्यवसाय कर रही है तो कोई उच्च पदों पर हैं, वो महिलाएं इस कार्यक्रम में पहुंची है। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समय-समय पर होने चाहिए। जिसे एक-दूसरे को मिलने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज किसी भी पद पर पदासीन है, वे महिलाएं भी यहां पर देश-विदेश से पहुंची हैं, तो यहां से हमें भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उन्होंने महिला शक्तिकरण पर जो बिल पास होना था उसे बारे में कहा कि विपक्ष ने यहां पर टांग अड़ाने का काम किया है। कानून बेटियों को पंचायत से विधानसभा और संसद में निर्णय लेने के लिए मजबूत करता। फूहड़ता फैलाने वाले गायकों पर किया कटाक्ष
फूहड़ता फैलने वाले कलाकारों के गीतों पर कहा कि गायक रातों-रात अमीर व पॉपुलर होना चाहते हैं। यह सांप सीढ़ी का खेल है, ज्यादा नहीं चलता। एकदम से छलांग लगाने वाला नीचे गिरता है। पिछले कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया में एक सिंगर को हाई-फाई प्रोफाइल बात करने पर सम्मन जारी किए हैं। कलाकारों को मर्यादाओं में रहना चाहिए और इसको लेकर महिला आयोग के सख्त है। उन्होंने सोशल मीडिया पर डालने वाली अश्लील पोस्ट पर कहा कि इस मामले में महिला आयोग सतर्क है। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम के माध्यम से हमने कुछ ऐसी पोस्टों पर बैन लगाया है और इस बात को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री से भी बात हुई है। महाविद्यालय ने उन छात्राओं को मिलन का मौका दिया जो देश-विदेश में रह रही- अशोक बुवानीवाला
कार्यक्रम संयोजक अशोक बवानीवाला ने कहा कि इस प्रकार का कार्यक्रम आयोजित करके आदर्श महिला महाविद्यालय ने उन छात्राओं को मिलन का मौका दिया जो देश और विदेश में रह रही हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम से आपस में मिलन हुआ है। आदर्श कॉलेज से पास आउट छात्राओं व महिलाओं ने कहा कि उनके लिए यह बड़े गर्व और गौरव पल है। यह एक ऐतिहासिक कदम आदर्श महाविद्यालय द्वारा उठाया गया है, जिससे उन्हें अपने बचपन को फिर से ताजा करने का अवसर मिला। वहीं यूपीएससी की सदस्य ज्योति बांदा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समय-समय पर होने चाहिए।



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