spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

बहिबल गोलीकांड: शिअद के पूर्व विधायक मनतार बराड़ तलब:SIT ने 6 जुलाई को चंडीगढ़ दफ्तर बुलाया, जत्थेदार के बयान से बढ़ी जांच की रफ्तार




साल 2015 के बरगाड़ी बेअदबी कांड से जुड़े बहिबल कलां गोलीकांड मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एसआईटी ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और कोटकपूरा से पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ को पूछताछ के लिए समन जारी कर तलब किया है। इस आदेश के बाद पंजाब की सियासत में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। एसआईटी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक समन के अनुसार, पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ को आगामी 6 जुलाई को चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित एसआईटी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। जांच टीम इस मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं और उस समय की घटनाक्रम को लेकर बराड़ से तीखे सवाल-जवाब कर सकती है। नए सदस्य की नियुक्ति और जत्थेदार के बयान के बाद बढ़ी जांच की रफ्तार राजनैतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि पिछले कुछ दिनों से इस मामले की जांच ने अचानक बड़ी रफ्तार पकड़ी है। इसके पीछे दो मुख्य कारण माने जा रहे हैं: एसआईटी में फेरबदल: हाल ही में बहिबल कलां गोलीकांड की एसआईटी में बठिंडा रेंज के डीआईजी (DIG) हरजीत सिंह को बतौर नया सदस्य शामिल किया गया है। सुखबीर बादल की भूमिका पर बयान: पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की भूमिका को लेकर दिए गए हालिया बयान के बाद इस मामले की कड़ियों को दोबारा जोड़ा जा रहा है। हाल ही में एसआईटी ने किया था घटनास्थल का दौरा जांच को आगे बढ़ाते हुए कुछ दिन पहले ही एसआईटी की टीम ने बहिबल कलां और बरगाड़ी पहुंचकर घटनास्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया था। इसके अलावा टीम ने बरगाड़ी पुलिस चौकी में बकायदा डेरा डालकर कई चश्मदीदों और स्थानीय लोगों के नए सिरे से बयान दर्ज किए हैं। एसआईटी ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी के पास इस घटना से जुड़ी कोई पुख्ता जानकारी या सबूत है, तो वह बिना किसी डर के आगे आकर जांच में सहयोग करे। कोटकपूरा गोलीकांड केस में पहले भी नामजद हो चुके हैं बराड़ गौरतलब है कि साल 2015 में जब यह दर्दनाक गोलीकांड हुआ था, तब मनतार सिंह बराड़ कोटकपूरा विधानसभा क्षेत्र से अकाली दल के मौजूदा विधायक थे। इससे पहले कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान गठित की गई जांच टीम ने भी उन्हें कोटकपूरा गोलीकांड मामले में आरोपी के रूप में नामजद किया था। हालांकि, बाद में उस पुरानी जांच रिपोर्ट को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने तकनीकी आधारों पर रद्द कर दिया था। अब देखना होगा कि नई एसआईटी की इस पूछताछ में क्या नए खुलासे सामने आते हैं।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles