रोहतक में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा मॉडल टाउन स्थित मार्केट में हुई आगजनी की घटना के पीड़ित दुकानदारों से मिले। साथ ही मौके पर मौजूद जांच कमेटी के अधिकारी नगर निगम के ज्वाइन कमिश्नर मंजीत सिंह को निर्देश दिए कि प्रशासन की तरफ से कमी नहीं रहनी चाहिए, सरकार को तो मैं आपे देख लूंगा। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा जली हुई दुकानों का निरीक्षण करने पहुंचे और पीड़ित दुकानदारों से बात करते हुए घटना की पूरी जानकारी ली। साथ ही मौके पर मौजूद अधिकारियों को रेहड़ी वालों का नुकसान भी दर्ज करने के निर्देश दिए और कहा कि प्रशासन की रिपोर्ट सही होनी चाहिए। दुकानदारों को उनके नुकसान का पूरा मुआवजा मिलना चाहिए। 15 साल पहले मिलता था 10 लाख मुआवजा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार द्वारा मृतकों के परिवार के लिए घोषित किए मुआवजे को नाकाफी बताते हुए कहा कि इतना मुआवजा तो 15 साल पहले मिलता है। सरकार को यह मुआवजा राशि बढ़ानी चाहिए। सभी पीड़ितों को पूरा-पूरा मुआवजा मिलना चाहिए और दुकानों के पुनर्निर्माण की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि पीड़ितों की आजीविका फिर से स्थापित हो सके। मृतकों के परिवार से एक व्यक्ति को मिले सरकार नौकरी
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मुआवजे के साथ ही जिन परिवारों ने इस अग्निकांड में अपनों को खोया है, उनको एक-एक सरकारी नौकरी भी मिलनी चाहिए। हालांकि जो लोग चले गए, उनकी भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन उनके पीछे परिवार है, उन्हें आर्थिक तंगी नहीं होनी चाहिए। अग्निशमन विभाग के पास नहीं पूरी व्यवस्था
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अग्निशमन विभाग के पास अगर पूरी व्यवस्थाएं होती तो इस नुकसान को कम किया जा सकता था। प्रदेश में 50 प्रतिशत फायरमैन के पद खाली पड़े हुए हैं। ढाई साल से उनकी भर्ती लटकी पड़ी है। गाड़ियों की हालत ऐसी है कि डी-पार्क पर आग बुझाते हुए एक तो जाम हो गई, वो पानी मार ही नहीं पाई। पहली गाड़ी का प्रेशर इतना कम था कि आग बुझाने के लिए नाकाफी था। दूसरी गाड़ी को आने में लगभग 50 मिनट लग गए, तब तक बहुत नुकसान हो चुका था। शहर के भीतर होना चाहिए फायर स्टेशन
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि फायर स्टेशन को अब शहर से बाहर बना दिया गया है, जबकि जरूरी है कि शहर के भीतर भी एक स्टेशन होना चाहिए, ताकि अगजनी स्थल तक जल्दी से जल्दी सहायता पहुंच सके। देशभर से लगातार आगजनी की खबरें आ रही हैं, जिनमें भयंकर जान माल का नुकसान हो रहा है। ऐसे में हरियाणा समेत तमाम सरकारों को सुनिश्चित करना चाहिए कि अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट रहे।
Source link
