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पठानकोट में CHO की सांकेतिक भूख हड़ताल:CM से मुलाकात नहीं होने पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन; अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी




कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) एसोसिएशन पंजाब के आह्वान पर शनिवार को राज्य के सभी जिला अस्पतालों में CHO ने सांकेतिक भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उनके शीघ्र समाधान की मांग उठाई। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार केवल बैठकें कर आश्वासन दे रही है, लेकिन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि 29 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री पंजाब ने CHO यूनियन को बैठक का समय दिया था। हालांकि, यूनियन प्रतिनिधि चंडीगढ़ पहुंचे, लेकिन मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इस घटना से पूरे प्रदेश के CHO में भारी रोष और निराशा है। यूनियन का कहना है कि सरकार पिछले कई वर्षों से केवल आश्वासन और टालमटोल की नीति अपना रही है, जबकि कर्मचारियों की जायज मांगें अब भी लंबित हैं। अधिसूचना जारी कर वादा पूरा करे सरकार यूनियन नेताओं ने मांग की कि सरकार केवल मौखिक आश्वासन देने के बजाय लिखित अधिसूचना जारी कर अपने वादों को पूरा करे। यूनियन की प्रमुख मांगों में ₹5000 संबंधी जारी पत्र से बेंचमार्क की शर्त हटाकर इस राशि को मूल वेतन में शामिल करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सभी CHO को लॉयल्टी बोनस देने, CHO का नियमित कैडर स्वीकृत करने, वेतन और इंसेंटिव का विलय करने तथा इंसेंटिव परफॉर्मा में संशोधन करने की मांग की। यूनियन नेताओं ने बताया कि 4 अगस्त 2026 को सरकार की सब-कमेटी के साथ एक बैठक निर्धारित है। CHO को इस बैठक से काफी उम्मीदें हैं। आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी केवल आश्वासन मिला और मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो पंजाब सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी। नेताओं ने स्पष्ट किया कि शनिवार की सांकेतिक भूख हड़ताल सरकार के लिए एक चेतावनी है। यदि सरकार ने अब भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन तेज किया जाएगा।



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