पठानकोट के सीमावर्ती कस्बे बामियाल के एक गांव से करीब 300 मीटर दूर रहने वाले 14 परिवार पिछले 40 दिनों से पीने के पानी की आपूर्ति से वंचित हैं। इन परिवारों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि पिछले 40 दिनों से उनके घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची है। संबंधित ऑपरेटर हर बार पाइप टूटने का बहाना बना रहा है। लोगों का सवाल है कि 40 दिन बाद भी पाइप की मरम्मत क्यों नहीं की गई। स्थानीय लोग बोले- यह समस्या पिछले सात सालों से चली आ रही है परिवारों ने बताया कि यह समस्या पिछले सात सालों से चली आ रही है। पहले हफ्ते में सिर्फ एक या दो बार पानी मिलता था, लेकिन अब तो पूरी तरह से आपूर्ति ठप है। इलाके का भूजल गंदा और पीले रंग का है, जो पीने लायक नहीं है। इस पानी के इस्तेमाल से घरों के नल, फ्लश और वॉशरूम के सामान भी पीले हो गए हैं। साफ पीने का पानी न मिलने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। प्रभावित परिवारों में लवली ठाकुर, अजीत सिंह, रोमी ठाकुर, काली दास, मक्खन सैनी, कंचन देवी, जतिन कुमार और रविंदर कुमार शामिल हैं। प्रभावित परिवारों ने कई बार स्थानीय अधिकारियों और जल आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों को इस बारे में सूचित किया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इससे लोगों में विभाग के प्रति काफी गुस्सा है। पीड़ित परिवारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग की होगी।
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पठानकोट में 40 दिन से नहीं पहुंची पानी की बूंद:14 परिवार परेशान, स्थानीय निवासी बोले- 7 साल से झेल रहे समस्या
