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पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को पठानकोट जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने फंगोता के 13, नियाड़ी के 11 और शाहपुरकंडी के 21 गांवों की विलेज डिफेंस कमेटियों (वीडीसी) के सदस्यों के साथ विशेष बैठकें कीं। इन मुलाकातों के दौरान राज्यपाल ने स्थानीय लोगों और कमेटी सदस्यों की समस्याओं को सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को उनके जल्द समाधान के निर्देश दिए। विकास कार्यों के लिए बड़ी घोषणा
राज्यपाल ने सीमावर्ती गांवों के विकास पर जोर देते हुए फंगोता क्षेत्र की 13 विलेज डिफेंस कमेटियों से जुड़े गांवों को 10-10 लाख रुपये की ग्रांट देने का ऐलान किया। इसके साथ ही, नियाड़ी में बैठक के दौरान उन्होंने स्थानीय कॉलेज को बस सेवा के लिए सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। सामूहिक प्रयास से पंजाब होगा नशामुक्त
नशे के खिलाफ अभियान पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पठानकोट एक सीमावर्ती जिला है, जिससे यहाँ की विलेज डिफेंस कमेटियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही नशे जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है। नशा खत्म करने को जनता खुद बने ‘सारथी’
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस आंदोलन में जब जनता खुद ‘सारथी’ बनेगी, तभी ‘नशा मुक्त और रंगला पंजाब’ का सपना साकार होगा। उन्होंने बताया कि राज्य में जन-जागरण अभियान को काफी सफलता मिल रही है और लोगों की भागीदारी इस लड़ाई में निर्णायक साबित होगी। प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मौजूद
इस दौरान राज्यपाल के साथ विवेक प्रताप सिंह (प्रमुख सचिव, राज्यपाल), शिवदुलार सिंह ढिल्लों (सचिव रेड क्रॉस पंजाब), डॉ. पल्लवी (डिप्टी कमिश्नर), दलजिंदर सिंह ढिल्लों (एसएसपी) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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पठानकोट पहुंचे राज्यपाल की बड़ी घोषणा:सीमावर्ती 13 गांवों के विकास को 1.30 करोड़ की ग्रांट का ऐलान; नशामुक्त पंजाब का दिया नारा







