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पठानकोट के वार्ड नंबर 6 लमीनी और विश्वकर्मा नगर के निवासियों के लिए पिछले चार दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे हैं। इलाके में पिछले 96 घंटों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। आसमान से बरसती आग और हवा में भारी उमस के कारण क्षेत्रवासियों का जीना मुहाल हो चुका है। घरों में पंखे, कूलर और रेफ्रिजरेटर जैसे जरूरी विद्युत उपकरण महज शोपीस बनकर रह गए हैं।
कड़कड़ाती धूप और उमस भरे इस मौसम में बिना बिजली के घरों के भीतर बैठना भी दूभर हो गया है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों की हालत पल-पल बिगड़ रही है। हालांकि, रोजाना दिन के समय पावरकॉम के कर्मचारी फॉल्ट ठीक करते हैं। लेकिन, रात गहराते ही ट्रांस्फार्मर से चिंगारियां निकलती हैं और बिजली गुल हो जाती है। जिससे लोगों को रात बिना पंखे,एसी के बितानी पड़ रही है।
ये हालात पिछले 4 दिन से बने हैं। जिसके चलते लोगों ने भाजपा नॉर्थ मंडल अध्यक्ष निपुण गुप्ता और आम आदमी पार्टी के नेता एवं वार्ड 7 पार्षद अभी शर्मा को मौके पर बुलाया। जिन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि अगर पावरकॉम अधिकारियों ने लोगों की इस परेशानी का स्थाई हल ना किया तो वे राजनीति से उठकर अधिकारियों के घेराव से भी पीछे नहीं हटेंगे। इन्वर्टर हुए धड़ाम, रात-रात भर जागकर काट रहे वक्त
स्थानीय निवासियों ने बताया कि बिजली गुल होने के शुरुआती कुछ घंटों में लोगों को घरों में लगे इन्वर्टर से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन लगातार चार दिनों के लंबे पावर कट के कारण अब इलाके के सभी घरों के इन्वर्टर पूरी तरह से डिस्चार्ज होकर बंद हो चुके हैं। स्थिति यह है कि रात के समय पूरा वार्ड अंधेरे के आगोश में डूब जाता है। उमस और मच्छरों के प्रकोप के कारण लोग पूरी-पूरी रात सो नहीं पा रहे हैं। छतों और गलियों में टहलकर रातें काटी जा रही हैं। नींद पूरी न होने से कामकाजी लोगों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ने लगा है।
बिजली के बाद अब पानी का भी घोर संकट, बूंद-बूंद को तरसे लोग
लगातार बिजली बाधित रहने का सबसे बड़ा असर इलाके की जल आपूर्ति पर पड़ा है। बिजली न होने के कारण वाटर पंप और घरों में लगी मोटरें पूरी तरह से ठप हैं, जिससे जलापूर्ति ठप हो गई है। कई घरों में पहले से स्टोर करके रखा गया पानी भी अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है। वार्ड नंबर 6 के निवासी अब पीने के पानी और दैनिक शौच-सफाई जैसे जरूरी कार्यों के लिए बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। लोगों को दूर-दराज के इलाकों, सार्वजनिक नलों या फिर महंगे दामों पर पानी के टैंकर और वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर होना पड़ रहा है।
बच्चों की पढ़ाई हुई चौपट, स्कूल तक नहीं जा पा रहे छात्र
स्थानीय निवासी सुमन ने बताया कि इस दोहरे संकट का सबसे बुरा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। रात भर बिजली न होने के कारण बच्चे सो नहीं पाते, जिससे सुबह उनकी तबीयत खराब हो रही है और वे स्कूल जाने की स्थिति में नहीं हैं। भीषण गर्मी में बिना पंखे-कूलर के घर के भीतर बैठकर पढ़ना भी नामुमकिन हो गया है। इसके अलावा, सुबह नहाने और तैयार होने के लिए पानी न मिलने के कारण कई बच्चों की स्कूल की बसें छूट रही हैं, जिससे अभिभावक बेहद चिंतित और आक्रोशित हैं।
घरेलू सामान हुआ बर्बाद, छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान
चार दिनों से लगातार लगने वाले कटों से रेफ्रिजरेटर बंद होने के कारण घरों में रखा दूध, सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्रियां सड़ रही हैं, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही नहीं, वार्ड के छोटे दुकानदारों, टेलर, डेयरी संचालकों और अन्य घरेलू कामगारों का धंधा भी बिजली-पानी की किल्लत की वजह से पूरी तरह चौपट हो गया है।
स्थानीय निवासियों में भारी रोष, तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने संबंधित बिजली विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार इस गंभीर समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग ने तुरंत संज्ञान लेकर बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
निवासियों ने विभाग से मांग की है कि इस समस्या का कोई स्थायी और प्रभावी समाधान निकाला जाए ताकि भविष्य में उन्हें दोबारा ऐसे नारकीय हालातों का सामना न करना पड़े।
वहीं, स्थानीय जेई दुर्गा दास ने कहा कि ट्रांस्फार्मर के पास लगातार वायर जल रही है। कई बार रिप्लेस करने के बावजूद फॉल्ट दूर नहीं हो रहा। अधिकारियों को इस बाबत अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही इस समस्या का स्थाई हल करवा दिया जाएगा।
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पठानकोट के वार्ड नंबर 6 में 4 दिन से ब्लैक-आउट:बिजली-पानी ठप, भीषण गर्मी में रात भर जागने को मजबूर लोग; पावरकॉम के खिलाफ लोगों ने निकाली भड़ास







