पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन अवैध माइनिंग और गैंगस्टर नेटवर्क का मुद्दा गरमा गया। भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच नोकझोंक हुई। भाजपा विधायक अश्वनी शर्मा ने आरोप लगाया कि अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने वालों को आम आदमी पार्टी के नेता धमकाते हैं। उन्होंने कहा कि ‘जिसकी खेत, उसकी रेत’ की वास्तविक स्थिति जानने के लिए सरकार को मौके पर जाकर निरीक्षण करना चाहिए। अश्वनी शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि माफ करना कि अब आप की (AAP) हालत ऐसी हो गई है कि जैसे घर में लड़की पैदा जाए तो कहते हैं कि केंद्र सरकार का कसूर हैं। लड़का पैदा हो जाए तो उसका श्रेय खुद ले लेते हैं। 20 हजार करोड़ रुपए की आय का वादा सरकार ने किया था। अब हर बात के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। जवाब में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह केंद्र और राज्यों के संबंधों का मामला है। केंद्र सरकार पंजाब का बनता हुआ फंड रोक रही है। वहीं अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा नेता ऐसा बयान देकर अपनी सोच प्रदर्शित की। उन्हें माफी मांगनी चाहिए। हालांकि अश्वनी शर्मा ने कहा कि यह मुहावरा उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने दलील दी कि कमेटी बना देनी चाहिए, ताकि हकीकत पता चल सके। इस पर मंत्री अमन अरोड़ा ने साथ में कैप्टन अमरिंदर सिंह की उस रिपोर्ट को भी ले चलेंगे। उन्होंने कहा था 21 विधायक मानसिंग में शामिल हैं। सेशन की कार्यवाही से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
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