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पंजाब में निहंग लगाएंगे पक्के तौर पर खालसा टैक्स:तरना दल के निहंग अच्छर सिंह बोले-1 दिन में 4700 रुपए टैक्स जुटाया; जरूरतमंदों में बांटा




हिमाचल सरकार के एंट्री टैक्स के विरोध में बुधवार को पंजाब में निहंगों द्वारा लगाया गया खालसा टैक्स एक दिन के लिए ही लगाया गया था। जिसकी अगुआई निहंग संगठन तरना दल ने की। कुल्लू-मनाली हाईवे पर कीरतपुर साहिब में निहंग सिंहों ने नाका लगाकर ये टैक्स वसूल किया। तरना दल के निहंग अच्छर सिंह ने बताया कि केवल हिमाचल सरकार के तानाशाही फरमान के प्रति नाराजगी दिखाने के लिहाज से ये नाका लगाया गया था। महज 4-5 घंटे नाका लगाने पर 4700 रुपए के करीब टैक्स एकत्रित किया गया, जिसे जरूरतमंदों में बांट दिया गया। निहंग अच्छर सिंह ने ऐलान किया है कि अगर हिमाचल सरकार ने अपना फरमान वापस नहीं लिया तो वे पक्के तौर पर खालसा टैक्स लगाएंगे।
लोगों का मिला बेहतर रिसपांस
तरना दल के निहंग अच्छर सिंह ने दावा किया कि पहले दिन के नाके पर लोगों को ना तो टैक्स के लिए मजबूर किया गया और न ही किसी को परेशान किया गया। लोगों को हालातों की जानकारी दी तो किसी ने 10 रुपए दिए तो किसी ने 100 भी दिए। ये सरकार के प्रति नाराजगी दर्ज करवाने के लिए था। जिसे लोगों ने सराहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द से जल्द हिमाचल का एंट्री टैक्स वापिस ले। नहीं ते जत्थेबंदी जल्द ही प्रैस कान्फ्रैंस कर अगली रणनीति की घोषणा करेगी।

निहंग अच्छर सिंह ने ये किया था ऐलान
बता दें, निहंग अच्छर सिंह ने कहा था कि हिमाचल के एंट्री टैक्स के विरोध में हिमाचल से आने वाली हर कार समेत छोटी गाड़ियों से 100 रुपए, छोटे कॉमर्शियल वाहनों से 200 रुपए और बड़ी गाड़ियों से 300 से 500 रुपए की वसूली की जाएगी। इस तरह के टैक्स को गैरकानूनी बताने के सवाल पर निहंग अच्छर सिंह ने कहा कि यह पैसा सरबत के भले के लिए यूज होगा। हम किसी से जोर जबरदस्ती नहीं करेंगे। निहंग ने कहा कि NHAI जो टैक्स लेती है, उसके जरिए रोड बनाकर देती है। उससे हमें कोई नुकसान नहीं है। मगर, हिमाचल सरकार गुंडा टैक्स ले रही है। हिमाचल के टैक्स से जुड़ा ये विवाद क्या है, जानिए…
अगर कोई व्यक्ति किसी भी पॉइंट से हिमाचल में एंट्री करता है तो उससे एंट्री टैक्स वसूला जाता है। हालांकि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि 1975 में हिमाचल प्रदेश टोल्स एक्ट के तहत यह व्यवस्था की गई है। पहले 2025 में बढ़ोतरी हुई: साल वर्ष 2025 में हिमाचल सरकार ने इन टैक्स की दरों में मामूली बढ़ोतरी की थी, 1 अप्रैल 2025 को निजी और व्यावसायिक चार पहिया वाहनों पर लगभग ₹10 की वृद्धि तथा कुछ व्यावसायिक वाहनों पर ₹20 तक की बढ़ोतरी हुई। जिसमें कार/जीप/वैन से ₹70, 6-12 सीट वाहन से ₹110, ट्रैक्टर से ₹70 और भारी वाहन से ₹720 लेने का प्रस्ताव पास किया गया।

फरवरी 2026 में रेट और बढ़ा दिए: इसके बाद फरवरी 2026 में सरकार ने एक नई टोल नीति जारी करते हुए कई श्रेणियों के वाहनों पर भारी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया। प्रस्तावित दरों के अनुसार निजी कारों और जीपों पर लगने वाला शुल्क 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये करने की योजना बनाई गई थी। इसके अलावा ट्रैक्टर, टैक्सी और मालवाहक वाहनों पर भी टैक्स में बढ़ोतरी कर दी गई। इसके बाद कार/जीप/वैन का टैक्स ₹70 से बढ़ाकर ₹170, 6-12 सीट वाहन के ₹110 से बढ़ाकर ₹130-170 (श्रेणी अनुसार), ट्रैक्टर के ₹70 से बढ़ाकर ₹100 और भारी वाहनों के ₹720 से बढ़ाकर ₹900 तक कर दिए।

पंजाब-हरियाणा में विरोध के बाद रेट घटाए: हिमाचल सरकार के इअस फैसले का जबरदस्त विरोध होने लगा। सबसे ज्यादा विरोध पंजाब और हरियाणा में देखने को मिला क्योंकि हिमाचल में ज्यादा टूरिस्ट और ट्रांसपोर्टर्स यहीं से आते-जाते हैं। इसके विरोध में प्रदर्शन भी हुए। तब हिमाचल सरकार ने तर्क दिया कि पहाड़ी राज्य में सड़क नेटवर्क के रखरखाव और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त इनकम की आवश्यकता है और यह टैक्स इसी मकसद से लिया जाता है।

सीएम सुक्खू के दखल के बाद घटे रेट: विवाद बढ़ने पर 31 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को हस्तक्षेप करना पड़ा। सरकार ने निजी कारों और कुछ यात्री वाहनों पर प्रस्तावित बढ़ोतरी को वापस लेने की घोषणा की। इसके बावजूद एंट्री टैक्स को लेकर पंजाब और हिमाचल के बीच राजनीतिक बहस जारी रही। मौजूदा वक्त में कार/जीप/वैन के 100 रुपए, 6-12 सीट वाहन के 130 रुपए, ट्रैक्टर के 100 रुपए ओर भारी वाहनों के 800 रुपए तक लिए जा रहे हैं।



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