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पंजाब के AAP विधायक पठानमाजरा को हाईकोर्ट से राहत:दुष्कर्म व धोखाधड़ी केस में मिली जमानत, 25 मार्च की रात को हुए थे अरेस्ट




आम आदमी पार्टी के (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें दुष्कर्म, धोखाधड़ी, धमकी और दूसरी शादी से जुड़े मामले में जमानत दी है। 24-25 मार्च की रात पंजाब पुलिस ने उन्हें मध्य प्रदेश से अरेस्ट किया था। अदालत ने उन्हें नियमित जमानत देते हुए कहा कि मामले की परिस्थितियों और तथ्यों को देखते हुए उन्हें लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रखना उचित नहीं माना जा सकता। चार दिन पहले उन्हें खन्न मामले में भी जमानत मिली है। ऐसे में अब यह साफ है कि जल्दी ही वह सलाखों से बाहर आएंगे। जानिए पूरे केस के बारे में
फेसबुक पर हुई दोस्ती, शादी का झांसा देकर बनाने का आरोप
सनौर से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में शिकायतकर्ता महिला ने गंभीर आरोप लगाए थे। महिला का कहना था कि तलाकशुदा है और उसकी एक बेटी भी है। उसका का दावा है कि वर्ष 2013-14 में फेसबुक के माध्यम से उसकी पहचान हरमीत सिंह पठानमाजरा से हुई थी। पठानमाजरा ने खुद को तलाकशुदा बताते हुए उससे विवाह का प्रस्ताव रखा और शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। 2021 में शादी की, इकट्‌ठे रहने लगे
महिला के अनुसार, 14 अगस्त 2021 को लुधियाना के एक गुरुद्वारे में दोनों का आनंद कारज हुआ। उसने आरोप लगाया कि उस समय भी पठानमाजरा ने ग्रंथी को खुद को तलाकशुदा बताया था। इसके बाद वह उनके एक रिश्तेदार के घर में पत्नी के रूप में रहने लगी। हलफनामे से पता चला पहले ही मेरिड है
शिकायतकर्ता का कहना है कि मार्च 2022 में विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए नामांकन पत्र और हलफनामे को देखने के बाद उसे पता चला कि पठानमाजरा पहले से शादीशुदा हैं और उन्होंने अपनी पत्नी सिमरनजीत कौर का नाम दस्तावेजों में दर्ज किया है। महिला का आरोप है कि तब उसे एहसास हुआ कि उससे झूठ बोलकर संबंध बनाए गए। आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी दी
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक बनने के बाद पठानमाजरा ने उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। शिकायत के अनुसार, उन्होंने कुछ आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने की धमकी दी और शिकायत न करने के लिए दबाव बनाया।
मामला दर्ज होने के बाद पठानमाजरा कुछ समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहे और उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया। जांच में सामने आया कि वे भूटान के रास्ते ऑस्ट्रेलिया गए थे और बाद में वापस लौटे। पुलिस ने उन्हें 24 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया था। मामला राजनीतिक दुश्मनी से प्रेरित
वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत में दावा किया कि मामला राजनीतिक दुश्मनी से प्रेरित है। वकीलों ने यह भी तर्क दिया कि महिला को विधायक की पहली शादी के बारे में पहले से जानकारी होनी चाहिए थी, क्योंकि उन्होंने पूर्व चुनावों में भी वैवाहिक स्थिति का उल्लेख किया था। दस सालों तक साथ रहे है
मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पाया कि दोनों के बीच करीब 10 वर्षों तक संबंध रहे। अदालत ने कहा कि यह विचारणीय प्रश्न है कि क्या शिकायतकर्ता को आरोपी की पहली शादी की जानकारी थी या नहीं। सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद अदालत ने 29 मई 2026 को हरमीत सिंह पठानमाजरा को नियमित जमानत प्रदान कर दी, हालांकि उनके ऊपर कुछ शर्तें भी लागू की गई हैं।



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