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नूंह मेडिकल कॉलेज में दर्द से तड़पती रही महिला:वीडियो आया सामने, निदेशक बोले- दो अलग महिलाओं को प्राथमिक उपचार बाद PGI भेजा




नूंह जिले में शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, नलहड़ के आपातकालीन गेट के सामने एक महिला के दर्द से तड़पने का वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने वायरल दावों को भ्रामक बताते हुए मामले में अपनी सफाई दी है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को पलवल क्षेत्र की कंचन नामक महिला को प्रसव पीड़ा हुई थी। उसे पहले स्थानीय सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर उपचार के लिए नल्हड़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बताया जाता है कि मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही एम्बुलेंस में उसकी डिलीवरी हो गई थी। बाद में अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, नवजात की मौत हो गई, जिससे परिजनों में गहरा दुख है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक महिला मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी गेट के सामने जमीन पर लेटी दिखाई दे रही थी। इस वीडियो को प्रसूता कंचन से जोड़कर साझा किया गया, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। मानसिक रुप से कमजोर थी महिला : निदेशक हालांकि, मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार ने वायरल वीडियो को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। उनके अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रही महिला कंचन नहीं, बल्कि तावडू क्षेत्र की मानसिक रूप से कमजोर अमिना नामक महिला है। डॉ. कुमार ने बताया कि अमिना को रोहतक रेफर किए जाने का विरोध कर रही थी और इसी कारण वह इमरजेंसी गेट के सामने जमीन पर लेट गई थी। डॉ. मुकेश कुमार ने आगे बताया कि पलवल जिले की रहने वाली दूसरी महिला (कंचन) को अत्यधिक रक्तस्राव के कारण चिकित्सकीय जांच और उपचार के बाद पीजीआई रोहतक रेफर किया गया था। उन्होंने दावा किया कि दोनों महिलाओं को एक ही एम्बुलेंस से रोहतक भेजा गया, जिससे दोनों मामलों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। उनके अनुसार, दोनों मरीजों की मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों द्वारा जांच और आवश्यक देखभाल की गई थी तथा रेफरल के दौरान डॉक्टर भी उनके साथ भेजे गए थे।



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