![]()
नूंह पुलिस ने जिले में गोवंश की सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस- प्रशासन गांव-गांव जाकर गोवंश की स्थिति का आकलन कर रहा है। जहां-जहां गोवंश मौजूद है, उनकी जीपीएस लोकेशन भी दर्ज की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस का मुख्य उद्देश्य गो-तस्करी पर रोक लगाना और पशुपालकों को जागरूक करना है। नूंह पुलिस ने सभी गोपालकों से अपील की है कि वे अपने गोधन की उचित देखभाल करें और उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। पुलिस ने गोवंश के लिए पर्याप्त चारे और स्वच्छ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पशुओं की नियमित निगरानी रखने और उनकी पहचान संबंधी जानकारी सुरक्षित रखने को भी कहा गया है। नजदीकी थाना पुलिस को सूचना देने की अपील पुलिस- प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से गोवंश की खरीद-बिक्री न करें। यदि कहीं गो-तस्करी, अवैध परिवहन या अन्य संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या डायल 112 पर दें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। नूंह पुलिस का मानना है कि गो-सुरक्षा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। इसी उद्देश्य से पुलिस लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ लगातार निगरानी अभियान चला रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में शांति, कानून व्यवस्था और पशुधन की सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Source link
नूंह पुलिस का गोवंश संरक्षण अभियान शुरू:गांव- गांव जा रही टीम, जीपीएस से निगरानी, तस्करी रोकने का लक्ष्य







