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नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा संघर्ष खत्म हो गया। लेकिन अब इसी मुद्दे पर पंजाब की राजनीति भी गर्मा गई है। बॉलीवुड कलाकार श्वेता तिवारी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में अभिजीत दीपके का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा, “अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा दे रहे हैं? और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’, तुम वहां कब विरोध-प्रदर्शन कर रहे हो?” अब शिक्षामंत्री ने क्या कहा 6 प्वाइंट में जानिए देश का युवा जागरूक है
आप सभी को बहुत मुबारकबाद। बिग कांग्रेचुलेशंस और सेल्यूट है। यह धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की बात नहीं है। यह इस बात का प्रमाण है कि इस देश का युवा आज भी जागरूक है।” क्योंकि पिछले कुछ सालों में जिस तरीके की प्रोपोगेंडा मूवीस आ रही थी। अगर कोई भी आवाज उठाए अगर वो पंजाब से उसको खालिस्तानी बोल दो। अगर वो लेह लदाख से उसको चाइनीज़ एजेंट बोल दो या अगर आप इनके खिलाफ बोलेंगे तो आपको देशद्रोही आपको एंटीनेशनल आपको फॉरेन फंडेड बता दिया जाएगा। लेकिन इस संघर्ष ने कॉन्फिडेंस दिया।आवर कंट्रीज इन सेफ एंड इंडिया है। पंजाब में नकल का केस, पेपर लीक नहीं दूसरी चीज अंध भगत गलत जानकारी दे रहे हैं। इन लोगों की अपनी एल्गोरिदम होती है और उसी दुनिया में ये लोग जीते हैं। मेरा आईटी सेल नहीं। जो भी इस वीडियो को देख रहा है, मेरी अपनी आवाज है। अब यह कह रहे है पंजाब में भी एक पेपर लीक हुआ है। फर्स्ट थिंग फार्मेसी पेपर लीक नहीं था। वह नकल का मामला था। जो लोग बच्चे चीटिंग कर रहे थे उनको मौके पर पकड़ लिया। दूसरा ये है कि यह डिपार्टमेंट मेरा नहीं है। वो मेरे फेलो कलीग का डिपार्टमेंट है। पर कैबिनेट की कलेक्टिव रिस्पांसिबिलिटी होती है। इसलिए भाग नहीं सकते है। ये लोग बोलेंगे पूरा अब मैं मैं देख रहा हूं । कुछ अंध भक्त मुझे टैग कर कर के कि अच्छा जी अच्छा ये फार्मेसी। यह मेरा डिपार्टमेंट नहीं है। सेकंड थिंग एंड इट वाज़ नॉट अ पेपर लीक। संघर्ष मैं अकेला शिक्षामंत्री शामिल हुआ तीसरी चीज है जी के पूरे देश में बहुत सारे नेता इस संघर्ष में शामिल हुए। मैं पूरे देश अकेला वर्किंग एजुकेशन मिनिस्टर हूं, जो धरने में शामिल हुआ। मैं स्टेज पे नहीं गया। मैं बच्चों के बीच रहा । शाम को बच्चे वायलेंस रिसोर्ट करने लगे। उन्हें समझाया इस मूवमेंट न खत्म नहीं करना। इस मूवमेंट जीना है। दो तीन दिन पहले से इस्तीफे बारे में पूछा गया। । मैंने कहा कि अगर मेरे इस्तीफे से एजुकेशन सिस्टम ठीक होता है तो मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं। मैं अपने शब्दों पर कायम हूं। जो कहूंगा गूगन पर चैक कर लेना अंधभक्त झूठे दावे कर रहे हैं। पंजाब को बदनाम नहीं करना है। पिछली सरकारों में यह उड़ता पंजाब रहा होगा, अब यह पढ़ता पंजाब है।” अगले एक मिनट जो कह रहे त फैक्ट्स है उसे आप गूगल चैट जीपीटी क्लॉड ग्रॉक चैक कर लेना। अकेले एक मिनट में जो कहना है, वह फैक्ट आप गूगल, चैटजीपीटी या ग्रोक कहीं पर भी चेक कर लेना। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले चार साल में पंजाब नंबर एक है। पहले 27वें नंबर पर था। 2500 करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए। पूरे स्कूल वाई फाई किए है
मैं पूरे देश में सबसे ज्यादा स्कूल इंस्पेक्शन करने वाला मंत्री हूं। कोई भी शिक्षा मंत्री बनने के लिए तैयार नहीं होता। पंजाब में इसे धरने वाला महकमा कहते हैं। कांटों का ताज माना जाता है, लेकिन मैंने इसे चुना। हमने पूरे पंजाब को वाई-फाई किया। सुरक्षा का इंतजाम किया। बस सर्विस शुरू की। पंजाब ने दो दिन पहले एआई को मेनस्ट्रीम बना दिया। नीट देने वाले 881 बच्चों से मिलेंगे। कोई और राज्य यह डेटा नहीं दे सकता।” पंजाब को बदनाम नहीं होने दूंगा। नीट टॉपर पंजाब से है। मंत्री बनने के लिए राजनीति में नहीं आए आप हरजोत बैंस को गाली दे दो, लेकिन पंजाब को गाली नहीं देने दूंगा। पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे तैयार हों। पंजाब इस देश को राह दिखा रहा है। हम चाहते हैं कि पूरे देश के शिक्षा मंत्री यहां आएं। हम ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं, ताकि पेपर लीक न हो। एजुकेशन मेरा पैशन है। मैं मंत्री बनने के लिए राजनीति में नहीं आया था। राजनीति में बदलाव लाने के लएि आए थे। पिछले चार में काफी कुद किया ळै।
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नीट पेपर लीक विवाद पर पंजाब में सियासत तेज:श्वेता तिवारी की पोस्ट के बाद शिक्षा मंत्री का जवाब; पंजाब को बदनाम नहीं होने दूंगा







