चंडीगढ़ का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें एक लड़का सड़क किनारे करीब एक घंटे तक एक ही मुद्रा में बैठा नजर आया। युवक सिर नीचे झुकाए बैठा रहा और उसके शरीर में किसी प्रकार की हलचल नहीं दिख रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक काफी देर तक बिना हिले-डुले उसी स्थिति में बैठा रहा। इसी वीडियो में उसके हाथ में बीड़ी भी थी, जो दोनों हाथों में पकड़ी हुई दिखाई दे रही थी, लेकिन वह उसे पी भी नहीं रहा था। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि युवक की हालत असामान्य लग रही थी और वह किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। वीडियो में यह भी देखा गया कि युवक के शरीर में कोई हरकत नहीं थी, जिससे वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। कुछ लोगों ने इसे तथाकथित “जोंबी ड्रग” के असर से जोड़कर देखा, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि किसी भी प्रशासनिक या स्वास्थ्य अधिकारी ने नहीं की है।
चंडीगढ़ में पहले सामने आए दो – पहला वीडियो में डिलीवरी बॉय दिखा
चंडीगढ़ में अब तक कुल तीन मामले सामने आए हैं। 24 व 25 मार्च को चंडीगढ़ के सेक्टर 33B में ब्लिंकिट का एक डिलीवरी बॉय लगभग 2 से 2.5 घंटे तक सड़क पर बिल्कुल स्थिर और अचेत अवस्था में खड़ा रहा। वीडियो वायरल होने के बाद इसे अमेरिका में मशहूर ‘जोबी ड्रग’ से जोड़ा गया, लेकिन पुलिस ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है। यह किसी अन्य नशे या मेडिकल इमरजेंसी का मामला भी हो सकता है।
दूसरे वीडियो निकला सारंगपुर का वीडियाे में सांगरपुर एरिया का था। इसमें एक युवक युवक सड़क किनारे फुटपाथ पर खड़ा था। उसके आसपास 10 से 15 लोग बैठे हुए हैं, कुछ लोग वहां से गुजर भी रहे हैं। युवक अपने पैरों को मोड़कर खड़ा हुआ है, जिसकी आंखें बंद हैं और मुंह खुला हुआ है। युवक के एक हाथ में बीड़ी पड़ी हुई है, लेकिन उसके शरीर में कोई मूवमेंट नहीं है। मामले में जब थाना सारंगपुर के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अशोक संपर्क किया गया था तो उनक का कहना था कि यह वीडियो उनके संज्ञान में आया है। युवक की पहचान की जा रही है। इस बारे में आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई है। जल्द ही इस पर कार्रवाई की जाएगी। जानिए क्या है जोंबी ड्रग जोंबी ड्रग, जिसे वैज्ञानिक भाषा में जाइलाजीन कहा जाता है, मूल रूप से पशुओं (जैसे घोड़ों और गायों) को बेहोश करने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक शक्तिशाली ‘ट्रैंक्विलाइज़र’ है। इसे ‘जोंबी ड्रग’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके सेवन के बाद इंसान की हालत बेहद भयावह हो जाती है, जो इसका सेवन करता है, वह अक्सर सुध-बुध खो देते हैं, घंटों तक झुककर या अजीब स्थिति में स्थिर खड़े रहते हैं, और उनके शरीर पर गहरे घाव या सड़न होने लगती है जो अंगों के गलने का कारण बन सकती है। इसे अक्सर हेरोइन या फेंटेनल जैसे नशीले पदार्थों के साथ मिलाकर बेचा जाता है, जिससे यह जानलेवा हो जाता है क्योंकि इंसानों पर इसके प्रभाव को उलटना बहुत मुश्किल होता है और यह श्वसन तंत्र को धीमा कर देता है। पुलिस चला रही नशे के खिलाफ मुहिम चंडीगढ़ के डीएसपी दलबीर सिंह भिंडर ने कहा कि पुलिस की ओर से पूरे एरिया में नशे के खिलाफ मुहिम चलाई जा रही है। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि अगर उनके आसपास कोई नशा करता या बेचता है तो उसकी सूचना पुलिस को दें। सड़कों पर यदि नशा कर युवक बैठे नजर आते हैं, तो पुलिस की गश्त और बढ़ाई जाएगी।
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