तरनतारन के सरहाली रोड स्थित गुरुद्वारा टक्कर साहिब के सामने 25 मरला जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि माननीय न्यायालय द्वारा स्टे ऑर्डर जारी किए जाने के बावजूद शनिवार दोपहर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। मामले को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। खालसापुर रोड निवासी नरेश चावला ने बताया कि उनकी माता रचना रानी ने वर्ष 2009 में गुरप्रीत सिंह से 15 मरला तथा वर्ष 2011 में जत्थेदार राजेश वालिया पन्नू से 10 मरला जमीन खरीदी थी। उनके अनुसार इन दोनों खरीद के सभी वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। नरेश चावला का आरोप है कि कुछ लोग राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं और इसके लिए राजस्व विभाग की मिलीभगत से कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तथा पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की गई हैं। उन्होंने बताया कि संभावित कब्जे की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने न्यायालय का रुख किया था। कोर्ट ने स्टे ऑर्डर जारी किया था इसके बाद करीब 15 दिन पहले अदालत ने संबंधित जमीन पर स्टे ऑर्डर जारी किया था। बावजूद इसके शनिवार को कुछ लोगों द्वारा जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। नरेश चावला ने स्थानीय लोगों और गणमान्य व्यक्तियों के साथ मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी ठीक ढंग से नहीं निभाई। मामले को लेकर नरेश चावला ने एसएसपी सुरिंदर लांबा और डिप्टी कमिश्नर राहुल को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और यदि उन्हें कोई नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित लोगों के साथ प्रशासन की भी होगी। वहीं दूसरी ओर गुरजीत सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके पास भी न्यायालय की अनुमति से संबंधित दस्तावेज हैं। उनका दावा है कि विवादित जमीन उनकी है और दूसरी पार्टी जिस जमीन का दावा कर रही है, उसका खसरा नंबर अलग है। थाना सिटी तरनतारन के हेड इंस्पेक्टर परमजीत सिंह विरदी ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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तरनतारन में 25 मरला जमीन पर छिड़ा विवाद:एक पक्ष बोला- स्टे के बावजूद कब्जे की कोशिश, दूसरे ने दावे को बताया गलत
