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जींद दौरे से पहले सरकार पर बरसे बृजेंद्र सिंह:बोले- विकास कार्यों की रफ्तार सिर्फ दौरे तक; मतदाता सूची पर जताई चिंता




पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने राजीव गांधी महाविद्यालय उचाना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जींद दौरे का स्वागत किया। हालांकि, उन्होंने विकास कार्यों में तेजी को केवल एक परंपरा बताया और सरकार पर विकास का ढोल पीटने का आरोप लगाया। उन्होंने चैनत गांव की पेयजल समस्या पर भी सरकार की आलोचना की। यह कार्यक्रम एसआईआर अभियान के तहत 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा करने वाले कांग्रेस के बीएलओ-2 कार्यकर्ताओं के सम्मान में आयोजित किया गया था। बृजेंद्र सिंह ने 17 जुलाई को जींद में प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का जींद आना अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि लोग प्रधानमंत्री के दौरे से बड़ी घोषणाओं की उम्मीद करते हैं। उन्होंने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने को एक नई शुरुआत बताया, जिसके पर्यावरणीय लाभ भविष्य में देखने को मिलेंगे। ‘सीएम दौरे के 2 दिन और पीएम के 10 दिन पहले होता है काम’ प्रधानमंत्री के आगमन से पहले जींद में विकास कार्यों में तेजी आने के सवाल पर बृजेंद्र सिंह ने इसे एक परंपरा करार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के आने से 2 दिन पहले और प्रधानमंत्री के आने से करीब 10 दिन पहले विकास कार्य शुरू हो जाते हैं। उनका आरोप था कि सरकार का विकास से वास्तविक सरोकार नहीं है, बल्कि केवल विकास का दिखावा किया जा रहा है। ‘मूलभूत सुविधा की मांग को भी राजनीतिक रंग दिया’ चैनत गांव में पेयजल समस्या को लेकर चल रहे धरने पर बृजेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार किसी भी धरने का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश नहीं करती। उन्होंने आरोप लगाया कि पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा की मांग को भी राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और सरकार इस मुद्दे को शहरी-ग्रामीण और जातिगत राजनीति में उलझा रही है। उन्होंने समाधान के लिए लोगों को इन विभाजनों से ऊपर उठने की बात कही। ‘ईंधन की कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं’ पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ा तो ईंधन की कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि भारत इतना बड़ा देश होने के बावजूद इस संघर्ष को रोकने या समझौता कराने में कोई प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहा है। उन्होंने इसे देश की विदेश नीति के लिए चिंता का विषय बताया। एसआईआर अभियान को लेकर बृजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से काटे जा रहे हैं, उनकी एक-दो बार पूरी तरह जांच कर लें ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से न हटे।



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