चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में सोमवार को आरएसएस से जुड़े एक कार्यक्रम के विरोध को लेकर माहौल गर्मा गया। विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ऑडिटोरियम के बाहर रोक दिया। आरोप है कि इसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हुई तथा कई छात्र नेताओं को हिरासत में लेकर सेक्टर-24 थाने भेज दिया गया। प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं, जिनमें जोबन, सारा शर्मा और संदीप सहित अन्य शामिल थे, का आरोप है कि पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पहले उन्हें भरोसा दिया था कि आरएसएस का यह कार्यक्रम परिसर में आयोजित नहीं होगा। इसके बावजूद कार्यक्रम कराया गया, जिसके विरोध में छात्र शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहे थे छात्र छात्र संगठनों के अनुसार, वे कार्यक्रम स्थल की ओर शांतिपूर्वक मार्च निकाल रहे थे। जैसे ही छात्र ऑडिटोरियम के मुख्य गेट पर पहुंचे, वहां पहले से तैनात चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद छात्रों ने वहीं नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस पर धक्का-मुक्की का आरोप प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि जब वे ऑडिटोरियम के बाहर शांतिपूर्वक नारेबाजी कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। छात्रों का कहना है कि इस दौरान पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और कई छात्र नेताओं व कार्यकर्ताओं को जबरन पुलिस की गाड़ियों में बैठाकर हिरासत में ले लिया। इसके बाद सभी को सेक्टर-24 पुलिस थाने ले जाया गया। जानिए कार्यक्रम का विरोध क्यों किया ‘पीयू अगेंस्ट सैफ्रोनाइजेशन’ नामक छात्र समूह का कहना है कि उन्हें आरएसएस के इस कार्यक्रम और उसमें बुलाए गए मेहमानों पर आपत्ति थी। संगठन का दावा है कि उन्होंने पहले ही यूनिवर्सिटी प्रशासन को कार्यक्रम का विरोध करने की जानकारी दे दी थी। उनका कहना है कि प्रशासन ने कार्यक्रम रद्द करने का भरोसा भी दिया था, लेकिन बाद में कार्यक्रम आयोजित कर दिया गया। इसी के विरोध में छात्र शांतिपूर्ण मार्च निकालकर अपनी बात रखना चाहते थे। छात्र संगठन ने कहा कि वह भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करता रहेगा।
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