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चंडीगढ़ में शराब पीते मिले मार्केट कमेटी के 4 कर्मचारी:SDM का छापा, सेक्टर-16 अस्पताल में कराया मेडिकल, प्रशासक और एसएसपी को शिकायत




चंडीगढ़ सेक्टर-26 स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में ड्यूटी के दौरान शराब पीने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर मार्केट कमेटी की प्रशासक एवं एसडीएम (ईस्ट) खुशप्रीत कौर ने कार्यालय में छापा मारा। इस दौरान चार कर्मचारी कथित रूप से शराब पीते हुए पाए गए। अधिकारियों ने मौके से सबूत जुटाने के साथ फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी करवाई तथा कर्मचारियों का सेक्टर-16 अस्पताल में मेडिकल कराया। जानकारी के अनुसार, 27 मई को मिली सूचना के बाद खुशप्रीत कौर मार्केट कमेटी के सत्संग भवन स्थित अस्थायी कार्यालय पहुंचीं। यहां मंडी सुपरवाइजर, कंडामैन, ऑक्शन रिकॉर्डर और क्लर्क कार्यालय में शराब पीते पाए गए। पुलिस ने अभी तक मेडिकल रिपोर्ट नहीं भेजी मामले में एसडीएम (ईस्ट) एवं मार्केट कमेटी प्रशासक खुशप्रीत कौर ने बताया कि कर्मचारियों का मेडिकल कराया गया है, लेकिन अभी तक पुलिस की ओर से मेडिकल रिपोर्ट उन्हें नहीं दी गई है। जैसे ही मेडिकल रिपोर्ट उनके पास आती है और उसमें शराब सेवन की पुष्टि होती है, सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कारोबारी की प्रशासक और एसएसपी से शिकायत इस मामले के बाद सेक्टर-26 अनाज मंडी के कारोबारी सुधीर कुमार ने चंडीगढ़ प्रशासक, एसएसपी, ज्वाइंट सेक्रेटरी और एसडीएम (ईस्ट) को ईमेल के जरिए शिकायत दी है। शिकायत में एक मार्केट कमेटी कर्मचारी पर फोन कर गाली-गलौज करने, जान से मारने की धमकी देने और उत्पीड़न करने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 28 मई को मार्केट कमेटी के लाइब्रेरी अटेंडेंट जगजीत सिंह ने उन्हें फोन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारी ने शराब पीने के मामले में हुई कार्रवाई के लिए उन्हें जिम्मेदार बताया और फोन पर गाली-गलौज करते हुए धमकियां दीं। साथ ही उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई, जिससे उनके मन में भय का माहौल बन गया है। उन्होंने प्रशासन से अपनी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। झूठे आरोप लगाए जा रहे वहीं, लाइब्रेरी अटेंडेंट जगजीत सिंह ने कहा कि उन पर धमकी देने के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह झूठे हैं। उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने किसी को फोन कर धमकाया है और न ही किसी ने सरकारी कार्यालय में बैठकर शराब पी है। वह हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। अगर उन्होंने किसी को धमकाया है तो उनकी कॉल डिटेल या रिकॉर्डिंग सामने लाई जाए।



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