चंडीगढ़ में एक बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले मलोया थाना पुलिस ने एक आरोपी को देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस समेत गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लाल बैग में हथियार छुपाकर ले जा रहा था और किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे काबू कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान डड्डूमाजरा कॉलोनी निवासी सुमित उर्फ डांगर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने बिछाया जाल
वीरवार देर शाम एएसआई मंगत सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि डड्डूमाजरा कॉलोनी में एक युवक हथियार लेकर किसी वारदात को अंजाम देने जा रहा है। सूचना मिलते ही एएसआई मंगत सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम में कांस्टेबल अंकित और कांस्टेबल राहुल भी शामिल थे। पुलिस ने बताए गए स्थान के आसपास पेट्रोलिंग शुरू कर दी और संदिग्ध व्यक्ति की तलाश करने लगी। लाल बैग लेकर जा रहा था आरोपी, शक होने पर रोका
पेट्रोलिंग के दौरान एएसआई मंगत सिंह को एक युवक दिखाई दिया, जिसके हाथ में लाल बैग था और वह सड़क पर तेजी से चलता नजर आया। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं, वह बार-बार पीछे मुड़कर देख रहा था और घबराया हुआ दिखाई दे रहा था। इस पर पुलिस टीम को शक हुआ और उसे तुरंत रुकने का इशारा किया गया। जैसे ही पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, आरोपी घबरा गया और बिना रुके वहां से भागने लगा। उसने गलियों की तरफ भागकर बचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम पहले से सतर्क थी। एएसआई मंगत सिंह और कांस्टेबल अंकित और कांस्टेबल राहुल ने तुरंत उसका पीछा शुरू किया और चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। कुछ दूरी तक भागने के बाद आरोपी की रफ्तार धीमी पड़ गई और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पकड़ने के दौरान आरोपी ने छूटने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उसे काबू में कर लिया। इसके बाद मौके पर ही उसकी तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास मौजूद लाल बैग से देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
पकड़े गए आरोपी के पास मौजूद लाल बैग की तलाशी ली गई तो उसमें से एक देसी पिस्टल बरामद हुई, जो लोडेड थी। साथ ही उसमें जिंदा कारतूस भी मौजूद था। पुलिस ने तुरंत हथियार को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और थाना मलोया में आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सुमित उर्फ डांगर पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और उसका लंबा क्रिमिनल रिकॉर्ड है। उसके खिलाफ थाना मलोया में पहले भी कई मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, रास्ता रोकने, जान से मारने की धमकी, तोड़फोड़ और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत भी उसके खिलाफ पहले केस दर्ज हो चुका है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2018 में उसके खिलाफ मारपीट और धमकी का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद 2023 में उस पर झगड़ा, हमला और हत्या के प्रयास जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया। वहीं 2025 में भी उसके खिलाफ नए कानून (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था। लगातार दर्ज हो रहे मामलों से साफ है कि आरोपी का आपराधिक गतिविधियों से पुराना संबंध रहा है। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क और संपर्कों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन लोगों के साथ मिलकर काम करता है और हाल ही में वह किस वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था। पुरानी रंजिश में वारदात की थी तैयारी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सुमित उर्फ डांगर पुरानी रंजिश के चलते किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था। वह हथियार लेकर किसी को निशाना बनाने की फिराक में घूम रहा था, लेकिन पुलिस को पहले ही सूचना मिल गई और उसे समय रहते पकड़ लिया गया। अगर पुलिस कार्रवाई में देर होती तो आरोपी किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता था। पुलिस की सतर्कता के कारण एक संभावित वारदात टल गई। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह देसी पिस्टल कहां से लेकर आया, किसने उसे हथियार उपलब्ध करवाया और वह किस व्यक्ति या जगह को निशाना बनाने की योजना बना रहा था। साथ ही उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।
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