चंडीगढ़ में नए वेंडिंग जोन बनाए जाने के विरोध में मंगलवार को शहर की विभिन्न बूथ मार्केटों के प्रधान और व्यापारी नगर निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और नगर निगम आयुक्त अमित कुमार को ज्ञापन सौंपा। बाद में कार्रवाई के लिए यह ज्ञापन संयुक्त आयुक्त हिमांशु गुप्ता को भेज दिया गया। प्रदर्शन की अगुवाई स्मॉल ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान मुकेश गोयल ने की। उन्होंने कहा कि शहर में पहले से ही पार्किंग, सीवरेज और पानी जैसी कई समस्याएं हैं। ऐसे में नए वेंडिंग जोन बनाने से व्यापारियों और आम लोगों की परेशानियां और बढ़ जाएंगी। प्रदर्शन में स्मॉल ट्रेडर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी विजय कुमार, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राकेश कुमार नीटा, वाइस प्रेसिडेंट ओम प्रकाश, शहर की विभिन्न बूथ मार्केटों के प्रधान और बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। कारोबार पर पडे़गा सीधा असर मुकेश गोयल ने कहा कि शहर में पहले से ही कई वेंडिंग जोन बने हुए हैं। ऐसे में नए वेंडिंग जोन बनाने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे बूथ मार्केट और शोरूम संचालकों के कारोबार पर असर पड़ेगा। साथ ही ग्राहकों को आने-जाने और पार्किंग में भी परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि इसी वजह से शहर की अलग-अलग बूथ मार्केटों के प्रधान और व्यापारी एकजुट होकर विरोध करने पहुंचे हैं। अगर प्रशासन ने उनकी मांग नहीं मानी और नए वेंडिंग जोन बनाने का फैसला वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में इससे बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ चुके मलकीत पहुंचे मुकेश गोयल ने बताया कि नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार को दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि नए वेंडिंग जोन बनाने के बजाय शहर में पहले से बने नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। साथ ही, अवैध वेंडरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि फुटपाथों और सड़कों पर बैठे अवैध वेंडरों की वजह से दुकानदारों के साथ-साथ आम लोगों को भी परेशानी होती है। प्रदर्शन में मलकीत सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने चंडीगढ़ में अवैध वेंडरों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी थी। व्यापारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को अवैध वेंडरों को हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक इन आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ। व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम केवल चालान काटकर औपचारिकता पूरी करता है, जबकि अवैध वेंडर वहीं बैठे रहते हैं। इससे समस्या लगातार बनी हुई है। कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति मुकेश गोयल ने कहा कि सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट में बड़ी संख्या में अवैध वेंडर बैठे हैं। इससे ग्राहकों को बाजार में आने-जाने और खरीदारी करने में परेशानी होती है। सड़क और फुटपाथ पर वेंडर बैठने से अक्सर जाम जैसी स्थिति बन जाती है। उन्होंने कहा कि नगर निगम का कहना है कि वहां इंस्पेक्टर तैनात हैं, लेकिन इसका कोई असर दिखाई नहीं देता। निगम सिर्फ चालान काटकर औपचारिकता पूरी करता है, जबकि अवैध वेंडर वहीं के वहीं बैठे रहते हैं।
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