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चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 पर मंथन शुरू:अतिरिक्त मंजिलों और भवनों की ऊंचाई संबंधी नियमों में बदलाव हो सकता है, 25 को सुनवाई




शहर के भविष्य और विकास की दिशा तय करने वाले मास्टर प्लान-2031 में प्रस्तावित संशोधनों पर प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रस्तावित बदलावों पर लोगों से प्राप्त आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा के लिए 9 सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी संशोधनों का अध्ययन कर एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से 25 जून को जनसुनवाई भी आयोजित की जाएगी, जिसमें नागरिक, सामाजिक संगठन, विशेषज्ञ और अन्य हितधारक अपनी राय और सुझाव सीधे कमेटी के समक्ष रख सकेंगे। प्रेमा पुरी करेंगी कमेटी की अगुवाई स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता इंजीनियरिंग सचिव प्रेमा पुरी करेंगी। कमेटी में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ डी. कार्तिकेयन, यूटी के मुख्य वास्तुकार, मुख्य अभियंता, नगर निगम के मुख्य अभियंता, पूर्व टाउन एंड कंट्री प्लानर आर. श्रीनिवास, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर नई दिल्ली के प्रो. सेवा राम, पूर्व मुख्य वास्तुकार कपिल सेतिया और पूर्व मुख्य नगर योजनाकार पंजाब के.के. कौल को शामिल किया गया है। कमेटी के गठन पर उठे सवाल कमेटी के गठन के साथ ही इसकी संरचना को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। सेकेंड इनिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष आर.के. गर्ग ने कहा कि शहर के भविष्य से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर गठित कमेटी में किसी स्थानीय निवासी को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी मांग की कि जनसुनवाई से पहले सभी संबंधित दस्तावेज, तकनीकी रिपोर्ट, सर्वे और प्रस्तावित संशोधनों के आधार सार्वजनिक किए जाएं, ताकि लोग पूरी जानकारी के साथ अपनी राय रख सकें। मास्टर प्लान में क्या-क्या बदल सकता है? प्रस्तावित संशोधनों में आवासीय क्षेत्रों में अतिरिक्त मंजिलों और भवनों की ऊंचाई संबंधी नियमों में बदलाव, विभिन्न श्रेणियों की इमारतों के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) बढ़ाना, मिक्स्ड लैंड यूज को बढ़ावा देना और व्यावसायिक व संस्थागत भवनों के निर्माण मानकों में संशोधन शामिल हैं। इसके अलावा पार्किंग नियमों, बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रावधानों, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD), हाई-डेंसिटी डेवलपमेंट, पुनर्विकास परियोजनाओं, स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाओं से जुड़े भू-उपयोग मानकों और पर्यावरणीय मंजूरियों से संबंधित नियमों में भी बदलाव प्रस्तावित हैं। शहर के भविष्य पर असर डालेंगे फैसले मास्टर प्लान-2031 में प्रस्तावित संशोधनों को चंडीगढ़ के विकास की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। ऐसे में 25 जून को होने वाली जनसुनवाई और उसके बाद स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट पर शहर के विभिन्न वर्गों की नजरें टिकी हुई हैं। प्रशासन का दावा है कि सभी सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।



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