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चंडीगढ़ भाजपा-कांग्रेस पर AAP का हमला:कहा-निगम बना भ्रष्टाचार पासिंग सेंटर, हाउस मीटिंग मात्र औपचारिकता; करोड़ों के प्रोजेक्ट्स पर सवाल




चंडीगढ़ नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी नेताओं ने कहा कि दोनों दलों के गठजोड़ ने नगर निगम को “भ्रष्टाचार पासिंग सेंटर” और “रबर स्टैम्प संस्था” बना दिया है, जहां बिना पढ़े और बिना चर्चा के मिनटों में करोड़ों रुपये के एजेंडे पास किए जा रहे हैं। सेक्टर-39 स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP चंडीगढ़ अध्यक्ष विजयपाल सिंह, नेता प्रतिपक्ष हरदीप सिंह बटेरेला, पूर्व मेयर कुलदीप कुमार ढालोर और मुख्य प्रवक्ता योगेश ढींगरा ने संयुक्त रूप से यह आरोप लगाए। इस दौरान पार्षद मुनव्वर, अंजू कत्याल, जसविंदर कौर और स्टेट मीडिया इंचार्ज विक्रांत ए. तनवर भी मौजूद रहे। हाउस मीटिंग पर भी उठाए सवाल
विजयपाल सिंह ने कहा कि नगर निगम की हाउस मीटिंग अब सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है। नियम के मुताबिक एजेंडे 48 घंटे पहले पार्षदों को मिलने चाहिए, लेकिन अब रात में सप्लीमेंट्री एजेंडा भेजकर अगली सुबह करोड़ों के प्रस्ताव बिना बहस के पास कर दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई 361वीं हाउस मीटिंग में करीब 190 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स मंजूर किए गए, जिनमें कई टेबल एजेंडा थे और पार्षदों को उन्हें पढ़ने तक का समय नहीं दिया गया। इसे उन्होंने जनता के साथ “विश्वासघात” बताया। करोड़ों के प्रोजेक्ट्स पर सवाल
AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि करीब 48.88 करोड़ रुपये के अबेटॉयर कॉम्प्लेक्स मॉडर्नाइजेशन, 16.62 करोड़ और 24.69 करोड़ रुपये की पार्किंग परियोजनाएं तथा करीब 10 करोड़ रुपये की रोड री-कार्पेटिंग जैसे प्रस्ताव बिना चर्चा के पास किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शहर में सड़कों, सफाई और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति खराब है, तो बिना पारदर्शिता के ऐसे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी क्यों दी जा रही है। नेता प्रतिपक्ष हरदीप सिंह बटेरेला ने कहा कि अपने 12 साल के अनुभव में उन्होंने ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा, जहां करोड़ों के एजेंडे बिना चर्चा के पास हो जाएं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के बजाय तानाशाही करार दिया। डंपिंग ग्राउंड पर भी घेरा
पूर्व मेयर कुलदीप कुमार ढालोर ने कहा कि डंपिंग ग्राउंड प्रोजेक्ट पर करीब 202 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद समस्या जस की तस है। उन्होंने आरोप लगाया कि कचरे के वैज्ञानिक निपटान के बजाय केवल इधर-उधर शिफ्ट किया जा रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। मुख्य प्रवक्ता योगेश ढींगरा ने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा चुकी है, लेकिन भाजपा-कांग्रेस गठजोड़ बड़े प्रोजेक्ट्स के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम में कमीशन और ठेकेदारी की राजनीति हावी है। सफाई कर्मचारियों के शोषण का भी मुद्दा उठाया उन्होंने सफाई कर्मचारियों, खासकर वाल्मीकि समाज से जुड़े कर्मचारियों के शोषण का भी मुद्दा उठाया और कहा कि उन्हें उचित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। AAP नेताओं ने कहा कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हर फैसला पारदर्शिता और चर्चा के बाद होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसी तरह एजेंडे जबरन पास किए गए, तो पार्टी निगम बैठकों का विरोध करेगी और जरूरत पड़ने पर मामला राष्ट्रीय स्तर तक उठाएगी।



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